पटना/मोकामा: दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद उनके शुक्रवार या शनिवार तक जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल वे पटना के बेऊर जेल में बंद थे।
जमानत की खबर मिलते ही कोर्ट परिसर के बाहर उनके समर्थकों ने खुशी का इजहार किया। वहीं मोकामा और आसपास के इलाकों में भी उनके समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि दुलारचंद यादव की हत्या 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हालांकि, जेल में रहते हुए ही उन्होंने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चाओं में आ गया था।
जानकारी के मुताबिक, चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के साथ मोकामा क्षेत्र में कैंपेन कर रहे थे। उनका काफिला बसावनचक इलाके की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान दूसरे गुट से उनका आमना-सामना हो गया। गांव के बीच पहुंचते ही दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते झड़प शुरू हो गई। इस दौरान लाठी-डंडे चले, पत्थरबाजी हुई और माहौल हिंसक हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुलारचंद यादव को पहले गोली मारी गई और फिर उनके साथ मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल होकर गिरने के बाद एक वाहन से उन्हें कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि दुलारचंद यादव के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। फेफड़े फट गए थे, जिससे भारी मात्रा में अंदरूनी रक्तस्राव हुआ। छाती की कई पसलियां टूटी हुई थीं। रीढ़ की हड्डी के पास भी गंभीर चोटें पाई गईं। सिर, पीठ, घुटनों और टखनों पर गहरे जख्म थे। दाहिने पैर के पास गोली लगने के निशान भी मिले।
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की थी। 1 नवंबर की देर रात पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद मोकामा स्थित अनंत सिंह के आवास पहुंचे थे, जहां से उन्हें गिरफ्तार किया गया था।














