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बहरागोड़ा:स्वर्णरेखा में मिले अमेरिकी बम को झारखंड पुलिस बीडीएम टीम ने बताया बेहद शक्तिशाली,निष्क्रिय करने के लिए सेना के संपर्क में

On: March 20, 2026 2:17 PM
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जमशेदपुर:बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपड़ा स्थित स्वर्णरेखा तट पर पिछले दिनों तकरीबन 227 किलो अमेरिकी बम को झारखंड पुलिस के बीडीएस टीम ने बेहद शक्तिशाली और घातक बताया है और इसे निष्क्रिय करने के लिए सेना के संपर्क में है। पत्राचार किया जा चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बम निरोधक दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने बताया कि बम आकार में बड़ा और अत्यंत घातक है। इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए इसे सामान्य तरीके से निष्क्रिय करना संभव नहीं है। इसे सुरक्षित ढंग से निष्क्रिय करने के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञता की आवश्यकता है, जो केवल भारतीय सेना के पास उपलब्ध है। इधर, झारखंड पुलिस अब भारतीय सेना की मदद लेने वाली है। पुलिस की ओर से भारतीय सेना को पत्राचार किया गया है। अब देखना होगा कि कितनी जल्द सेना की टीम मौके पर पहुंचकर इस शक्तिशाली बम को निष्क्रिय करती है।

बम पर अंकित कोड और विवरण के अनुसार यह AN-M-64 500-LB मॉडल का बम है। इसका कुल वजन करीब 227 किलो (500 पाउंड) है। इस पर ‘Unexploded (UXO)’ लिखा हुआ है, जिसका मतलब है कि यह एक जिंदा बम है जो गिराए जाने के समय फटा नहीं था। फिलहाल उस जगह को पूरी तरह सील कर दिया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

द्वितीय विश्व युद्ध या पुराने हादसे से जुड़ा हो सकता है मामला
जानकारों और स्थानीय सूत्रों का अनुमान है कि यह बम किसी ऐतिहासिक घटनाक्रम से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि पहले महुलडांगरी के पास एक लड़ाकू विमान क्रैश हुआ था। संभावना जताई जा रही है कि यह बम उसी विमान से गिरकर नदी की गीली मिट्टी में दब गया होगा। चूंकि कलाईकुंडा एयरबेस पास में है, इसलिए प्रशासन ने वहां के अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी तकनीकी जांच और पहचान का अनुरोध किया है।

सूत्रों के अनुसार लगभग सात महीने पहले पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आशुई के पास स्वर्णरेखा नदी में भी ऐसा ही एक बम मिला था। उस समय पश्चिम बंगाल प्रशासन ने कलाईकुंडा एयरफोर्स के अधिकारियों की मदद से उसे सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया था। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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