तेहरान: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए ईरान के सबसे अहम परमाणु ठिकानों में से एक नतांज़ परमाणु केंद्र (Natanz Nuclear Facility) केंद्र को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। इस हमले ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और भड़का दिया है और बड़े सैन्य टकराव की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इस हमले के बाद ईरान ने कड़े प्रतिशोध की चेतावनी दी है। ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि ईरान इस हमले का बदला लेगा और वह अपने परमाणु कार्यक्रम को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
नतांज़ स्थित यह सुविधा ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुख्य केंद्र मानी जाती है, जहां अत्याधुनिक सेंट्रीफ्यूज के जरिए यूरेनियम संवर्धन किया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में केंद्र के भीतर मौजूद उन्नत तकनीकी ढांचे और कई महत्वपूर्ण इकाइयों को भारी नुकसान पहुंचा है। इजरायली खुफिया सूत्रों का दावा है कि कई एडवांस सेंट्रीफ्यूज पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
हमले के तुरंत बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला बताते हुए कड़े और निर्णायक प्रतिशोध की चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का जवाब समय और स्थान तय करके दिया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष के और गहराने का खतरा बढ़ गया है।
हमले के बाद सबसे बड़ी चिंता रेडियोधर्मी रिसाव को लेकर थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी तरह के रेडिएशन लीक की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार, आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित हैं और किसी प्रकार का परमाणु खतरा सामने नहीं आया है।
इस सैन्य कार्रवाई का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में अस्थिरता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
अमेरिका और इजरायल की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई से व्यापक युद्ध छिड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
अमेरिका-इजरायल का ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर भीषण हमला, कई सेंट्रीफ्यूज तबाह












