रामगढ़: जिले की पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती शांति सोरेन ने अपने पति एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष बिनोद किस्कु पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर न्याय और कार्रवाई की मांग की है।
अपने पत्र में शांति सोरेन ने आरोप लगाया है कि उनके पति बिनोद किस्कु का एक विवाहित गैर-आदिवासी महिला रीना मुखर्जी के साथ अवैध संबंध है। उन्होंने दावा किया कि बिनोद किस्कु ने उक्त महिला और उसके दो बच्चों के लिए वाहन और आवास की व्यवस्था की है तथा उन्हें अच्छे विद्यालयों में शिक्षा भी दिला रहे हैं, जबकि अपने परिवार की उपेक्षा कर रहे हैं।
शांति सोरेन के अनुसार, उनके पति पिछले चार-पांच वर्षों से रांची में रीना मुखर्जी के साथ रह रहे हैं और उनके नाम पर मकान भी खरीदा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिनोद किस्कु ने अपनी पत्नी और बच्चों के भरण-पोषण तथा शिक्षा की जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ लिया है और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा है।
उन्होंने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2001 में संथाल जनजाति की पारंपरिक रीति-रिवाज से हुई थी। इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं- जय प्रकाश किस्कु (22 वर्ष) और श्रेया किस्कु (10 वर्ष)। शांति सोरेन ने यह भी कहा कि अपने पति के सहयोग से ही वह रामगढ़ जिला परिषद की पहली अध्यक्ष बनी थीं।
शांति सोरेन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिनोद किस्कु और रीना मुखर्जी ने उन्हें और उनके बच्चों को जान से मारने की धमकी दी है। इस संबंध में उन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मांडू थाना में केस संख्या 59/2026 के तहत मामला दर्ज होने की बात भी उन्होंने कही है।


इस मामले को लेकर उन्होंने ग्राम प्रधानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को भी अवगत कराया है। साथ ही ‘अबुआ संथाल समाज भारत दिसोम’ के महासचिव दसाई मांझी से हस्तक्षेप कर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या पत्नी और बच्चों को छोड़कर किसी अन्य महिला के साथ संबंध रखना संथाल समाज की परंपरा और मूल्यों के अनुरूप है। उन्होंने इस पूरे मामले में सामाजिक और कानूनी स्तर पर पहल करने की अपील की है।













