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टाॅप नक्सल कमांडर पापाराव ने किया सरेंडर, 25 लाख का था इनामी; 17 साथियों ने भी डाले हथियार

On: March 25, 2026 11:44 AM
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बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सक्रिय वरिष्ठ नक्सली कमांडर पापाराव उर्फ मंगू दादा ने मंगलवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उसके साथ 17 नक्सलियों ने भी हथियार छोड़ते हुए मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इनमें 10 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। 8 AK-47, 1 SLR, 1 INSAS सहित अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।

इन सभी नक्सलियों ने बीजापुर जिले के कुटरु थाना पहुंचकर पुलिस के समक्ष अपने हथियार जमा किए। आत्मसमर्पण करने वालों में डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) स्तर के नक्सली प्रकाश मड़वी और अनिल ताती जैसे नाम भी शामिल हैं।

पापाराव, जिस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था, नक्सली संगठन में एक प्रभावशाली और रणनीतिक भूमिका निभाता रहा है। वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज होने के साथ-साथ दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य भी था। इसके अलावा वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) का सदस्य रह चुका है।

बताया जाता है कि पापाराव (56) सुकमा जिले का निवासी है और करीब 25 वर्षों तक नक्सली संगठन से जुड़ा रहा। वर्ष 2010 के चर्चित ताड़मेटला कांड में भी उसका नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया था। बस्तर के दुर्गम जंगलों और भौगोलिक परिस्थितियों की उसे गहरी समझ थी, जिसका इस्तेमाल वह रणनीति बनाने में करता था। इसलिए कई बार पुलिस की गोलियों से बचकर भाग निकला।

उसकी कार्यशैली कुख्यात नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा से काफी मिलती-जुलती थी। सीधी मुठभेड़ से बचते हुए घात लगाकर हमला करना, आईईडी का इस्तेमाल करना और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाना उसकी रणनीति का हिस्सा रहा है। इसी वजह से वह संगठन का भरोसेमंद और खतरनाक चेहरा माना जाता था।
हालांकि, बीते कुछ वर्षों में बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों, माओवादी ढांचे की कमजोरी और तेजी से बढ़ते आत्मसमर्पणों ने स्थिति को काफी बदल दिया है। बदलते हालात को देखते हुए पापाराव ने भी अंततः आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। बताया जा रहा है कि वह सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटा है।

पुलिस अधिकारियों ने इस आत्मसमर्पण को बड़ी सफलता बताते हुए उम्मीद जताई है कि अन्य नक्सली भी जल्द ही हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होंगे। पापाराव और उसके साथियों के पुनर्वास की प्रक्रिया अब नियमानुसार पूरी की जाएगी।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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