अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में शुक्रवार को रामनवमी का पावन पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे मंदिर परिसर में ‘जय श्रीराम’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
इस वर्ष रामनवमी पर सबसे प्रमुख आकर्षण रहा रामलला का दिव्य ‘सूर्य तिलक’। ठीक दोपहर 12 बजे, जिसे भगवान भगवान राम के जन्म का समय माना जाता है, अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर केंद्रित की गईं। मिरर और लेंस की विशेष व्यवस्था के जरिए यह अद्भुत दृश्य करीब चार मिनट तक बना रहा, जिसमें रामलला के ललाट पर सूर्य की आभा स्पष्ट रूप से झलकती रही। यह दृश्य इतना भव्य और अलौकिक था कि मंदिर परिसर में उपस्थित भक्त भाव-विभोर हो उठे।
पूरे आयोजन के दौरान मंदिर के गर्भगृह में 14 पुजारियों ने विधि-विधान के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई। सूर्य तिलक के पश्चात आरती की गई और कुछ समय के लिए गर्भगृह के पट बंद कर दिए गए। इसके बाद रामलला को पारंपरिक रूप से 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित करने की तैयारी की गई।
रामनवमी के इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए देशभर के श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे, वहीं इसका सीधा प्रसारण भी किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिव्य ‘सूर्य तिलक’ का लाइव प्रसारण देखा।
उल्लेखनीय है कि भगवान राम सूर्यवंश से संबंधित माने जाते हैं, इसलिए उनके जन्मोत्सव पर सूर्य तिलक की परंपरा विशेष महत्व रखती है। इस वैज्ञानिक और आध्यात्मिक संगम ने रामनवमी के इस पर्व को और भी अद्वितीय और यादगार बना दिया।














