हजारीबाग: सदर अस्पताल में मंत्री से चतरा से जुड़े एक मामले पर सवाल पूछा तभी वहां मौजूद ग्रामीण और कुछ लोगों की भीड़ उग्र हो गई। पत्रकारों पर हमला बोल दिया। इधर आरोप लग रहा है कि मंत्री के समर्थकों ने हमला किया है।इस घटना में दो पत्रकार जख्मी हो गए। उनका इलाज जारी है। इधर, पत्रकारों ने मारपीट में शामिल दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है।
मामला कुछ इस प्रकार है स्वास्थ्य मंत्री हजारीबाग के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पौता गांव के जंगल में एक युवक और दो युवतियों के शव मिलने की घटना के बाद पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे थे।
मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई इसी दौरान पत्रकारों ने उनसे चतरा से जुड़े एक मामले पर सवाल किया। तभी मौके पर मौजूद भीड़ उग्र हो गई और पत्रकारों पर हमला कर दिया।
मंत्री घटना पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेरे समर्थकों ने हमला नहीं किया है। कुछ पत्रकारों द्वारा लीक से हटकर सवाल पूछने के कारण मृतक के परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। प्रशासन ने मेरे ही निर्देश पर बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
वहीं, मंत्री ने पौता गांव के पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ित परिवारों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा।
उन्होंने इस गंभीर घटना को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। बैठक में एसपी अमन कुमार, एसपी अमित कुमार, एसटीपीओ अमित आनंद, एसडीओ आदित्य पांडे और सिविल सर्जन अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।









