---Advertisement---

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: नासिक से हरियाणा तक फैले रैकेट का खुलासा,जयपुर में ‘मास्टरमाइंड’ गिरफ्तार

On: May 12, 2026 3:04 PM
---Advertisement---

झारखंड वार्ता डेस्क

नासिक : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को बड़े अंतरराज्यीय रैकेट के संकेत मिले हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तराखंड तक फैले इस नेटवर्क की जांच अब तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक हुई प्रश्नपत्रिका की पहली डिजिटल कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में शेयर की गई थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, जयपुर से गिरफ्तार आरोपी मनीष को इस पूरे पेपर लीक कांड का मुख्य मास्टरमाइंड माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि उसने परीक्षा से पहले ही संभावित सवालों तक पहुंच बना ली थी। इसके बाद ‘गेस पेपर’ के नाम पर कई छात्रों तक प्रश्नपत्र पहुंचाया गया।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क

राजस्थान एसओजी, केंद्रीय जांच एजेंसियों और विभिन्न राज्यों की पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। राजस्थान से शुरू हुई जांच में महाराष्ट्र के नासिक, हरियाणा और उत्तराखंड तक इसके तार जुड़े मिले हैं।

सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से पहले कुछ छात्रों को जो “गेस पेपर” उपलब्ध कराया गया था, उसके 100 से अधिक सवाल असली NEET परीक्षा से मेल खा गये। इसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया और परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठने लगे।

नासिक से पहली डिजिटल कॉपी शेयर होने का शक

जांच एजेंसियों को संदेह है कि लीक प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी सबसे पहले नासिक में साझा की गई थी। इसी आधार पर कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया चैनलों की जांच की जा रही है। साइबर विशेषज्ञ भी पूरे नेटवर्क की तकनीकी पड़ताल में जुटे हैं।

कोचिंग नेटवर्क और तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका संदिग्ध

जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि इस रैकेट में कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग, दलाल और कुछ तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों का दावा है कि राजस्थान के एक पीजी छात्र के माध्यम से प्रश्नपत्र बाहर निकाला गया, जिसके बाद इसे अलग-अलग राज्यों में फैलाया गया। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

NTA की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

परीक्षा से पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक की सभी खबरों को अफवाह बताते हुए परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बताया था। लेकिन बड़ी संख्या में सवाल मैच होने के बाद अब NTA की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

छात्रों में भारी नाराजगी

पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद देशभर के लाखों छात्रों और अभिभावकों में गुस्सा है। कई छात्र संगठनों ने दोबारा परीक्षा कराने की मांग तेज कर दी है। छात्रों का कहना है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बावजूद यदि प्रश्नपत्र लीक हो गया, तो मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ है।

फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

Join WhatsApp

Join Now