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स्थायी नौकरी नहीं मिलने से तनाव में युवक ने ट्रेन से कटकर दी जान, गांव में पसरा मातम

On: May 12, 2026 3:32 PM
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झारखंड वार्ता संवाददाता

पलामू : जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत पूर्वडीहा गांव निवासी 30 वर्षीय रंजीत दुबे ने कथित रूप से स्थायी नौकरी नहीं मिलने से तनाव में आकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। यह दर्दनाक घटना रविवार को डालटनगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर हुई। सोमवार को घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें युवक ट्रेन के सामने जाता दिखाई दे रहा है।

घटना के बाद शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, जिस कारण पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। शव को सुरक्षित रखा गया था। बाद में परिजनों द्वारा पहचान होने के बाद सोमवार सुबह एमएमसीएच में पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में गांव के लोग और परिजन मौजूद रहे। बताया गया कि अंतिम संस्कार गांव स्थित कोयल नदी तट पर किया जाएगा।

मृतक रंजीत दुबे, हरेंद्र दुबे के पुत्र थे। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार रंजीत पढ़ाई-लिखाई में काफी मेधावी थे। उन्होंने संत जेवियर कॉलेज रांची तथा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (वीएचयू)  से शिक्षा प्राप्त की थी। अच्छी शैक्षणिक योग्यता होने के बावजूद उन्हें स्थायी नौकरी नहीं मिल पा रही थी, जिससे वे लंबे समय से मानसिक तनाव में चल रहे थे।

परिजनों के अनुसार रंजीत अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। उनकी एक बहन और एक भाई है। अभी उनकी शादी नहीं हुई थी। पिता खेती-किसानी का काम करते हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि इतना होनहार युवक इस तरह का कदम उठा लेगा, इस पर किसी को विश्वास नहीं हो रहा है।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में भी रंजीत ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उनकी जान बच गई थी। इस बार उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और बेरोजगारी को लेकर चिंता जता रहे हैं।

Shubham Jaiswal

“मैं शुभम जायसवाल, बीते आठ वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने विभिन्न प्रतिष्ठित अखबारों और समाचार चैनलों में प्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले पाँच वर्षों से मैं साप्ताहिक अखबार ‘झारखंड वार्ता’ से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ। पत्रकारिता मेरे लिए केवल पेशा नहीं बल्कि समाज और जनता के प्रति एक जिम्मेदारी है, जहाँ मेरी कलम हमेशा सच और न्याय के पक्ष में चलती है।

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