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सिमडेगा में डॉक्टर को मिली जान से मारने की धमकी, झासा (JHASA) से सुरक्षा की गुहार

On: May 17, 2026 6:29 PM
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सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट की धमकियों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला सलगापोष अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का है, जहाँ कार्यरत चिकित्सा पदाधिकारी (MO) डॉ. रितेश कुमार को फोन पर जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है। इस घटना से जिले के चिकित्साकर्मियों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। पीड़ित डॉक्टर ने इस संबंध में झारखंड राज्य स्वास्थ्य सेवा संघ (JHASA) के अध्यक्ष को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार, घटना 12 मई 2026 की है। डॉ. रितेश कुमार ने बताया कि वह ठेठईटांगर ब्लॉक के सलगापोष अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में तैनात हैं। उस दिन अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद, वह रात करीब 11:30 बजे भोजन के लिए कस्बे में गए थे, क्योंकि अस्पताल परिसर में मोटर खराब होने के कारण दो दिनों से पानी की बूंद तक नहीं थी।
अगली सुबह उनके फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने बिना किसी उकसावे के उनके साथ बेहद अभद्र और गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग किया। आरोपी ने डॉक्टर को तुरंत अस्पताल पहुंचने का हुक्म दिया और धमकी देते हुए कहा, “जब तुम आओगे तो हम तुमसे निपट लेंगे” और “जब तक हम तुम्हें पकड़ नहीं लेते, तब तक इंतजार करो।” इसके साथ ही डॉक्टर को शारीरिक रूप से नुकसान पहुँचाने और हिंसा की सीधी धमकी दी गई।
पुलिस और प्रशासन को दी गई सूचना
डॉ. रितेश ने इस गंभीर मामले की जानकारी तुरंत अपने चिकित्सा प्रभारी (MOIC) और सिविल सर्जन को दी। इसके साथ ही उन्होंने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) और स्थानीय थाना प्रभारी (SHO) को लिखित शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
डर के साए में काम कर रहे हैं डॉक्टर
पत्र में डॉक्टरों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि इस तरह की लगातार मिल रही धमकियों के कारण वे चौबीसों घंटे खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि अस्पताल परिसर में कुछ लोगों को एक साथ खड़े देखकर भी डॉक्टरों में घबराहट और चिंता पैदा हो जाती है।
“हमारा विभाग अक्सर राजनीतिक दबाव के आगे झुक जाता है, जिससे डॉक्टरों को ही कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर दिए जाते हैं या उनका तबादला कर दिया जाता है। इस प्रशासनिक ढुलमुल रवैये से स्थानीय असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं।”
झासा (JHASA) से ठोस कदम उठाने की मांग
पीड़ित डॉक्टर और उनके सहयोगियों ने झासा के अध्यक्ष से अपील की है कि वे डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन स्तर पर ठोस कदम उठाएं। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के दुर्व्यवहार और कार्य में बेवजह हस्तक्षेप से न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रभावित होती है, बल्कि मरीजों की देखभाल पर भी बुरा असर पड़ता है।
गौरतलब है कि यह समस्या सिर्फ सिमडेगा तक सीमित नहीं है। डॉक्टरों के अनुसार गुमला, पश्चिमी सिंहभूम, साहेबगंज और पूर्वी सिंहभूम जैसे अन्य जिलों से भी स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बदसलूकी और प्रताड़ना के ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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