---Advertisement---

एसडीएम की सख्ती:मझिआंव मोड़ पर खुले में मुर्गा काटने वालों के खिलाफ पब्लिक न्यूसेंस के तहत एक्शन शुरू

On: May 17, 2026 8:58 PM
---Advertisement---

एसडीएम की सख्ती:मझिआंव मोड़ पर खुले में मुर्गा काटने वालों के खिलाफ पब्लिक न्यूसेंस के तहत एक्शन शुरू

पांच दुकान मालिकों को बीएनएसएस की धारा 152 के तहत नोटिस, नगर परिषद से कारण पृच्छा

गढ़वा: गढ़वा शहर के मझिआंव मोड़ क्षेत्र में सड़क किनारे खुले में मुर्गा काटने, मांस, खून हड्डी पंख आदि अपशिष्ट फैलाने एवं सार्वजनिक मार्ग की स्वच्छता प्रभावित होने संबंधी लगातार प्राप्त जनशिकायतों के आलोक में एसडीएम संजय कुमार ने सख्त रुख अपनाया है।

सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि मझिआंव मोड़ स्थित इन अवैध मुर्गा मांस कारोबारियों को पूर्व में भी कई बार हिदायत दी जा चुकी थी। इसके अतिरिक्त नगर परिषद को भी लिखित रूप से आवश्यक कार्रवाई, नियमित निगरानी तथा सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया था।
इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने तथा आमजनों की शिकायतें लगातार प्राप्त होने के कारण अब मझिआंव मोड़ स्थित पांच दुकानदारों के साथ साथ नगर परिषद को भी पक्षकार बनाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 152 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है।

एसडीएम ने कहा कि सड़क किनारे खुले में पशु-पक्षी वध, गंदगी फैलाना एवं अपशिष्ट का अस्वच्छ निस्तारण सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के लिए गंभीर विषय है। वहां से गुजरने वाले राहगीरों व सड़क किनारे खड़े लोगों को भी भयंकर बदबू और असहजता का सामना करना पड़ता है जो कि प्रथम दृष्टया पब्लिक न्यूसेंस का मामला है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार की कार्रवाई अनुमंडल क्षेत्र के अन्य इलाकों में भी की जाएगी। कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शहर में स्वच्छ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि न केवल मुर्गा मछली मांस आदि के व्यवसायियों को निर्धारित मानकों एवं स्वच्छता नियमों का पालन करना होगा। बल्कि नगर निकाय एवं अन्य संबंधित संस्थाओं को भी अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से सुनिश्चित करना होगा।
संजय कुमार ने बताया कि पहले चरण में मझिआंव मोड़ के पास सड़क किनारे खुले में मुर्गा दुकान संचालित करने वाले जिन पांच दुकानदारों/ दुकान मालिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है उनमें अजय सिंह पिता सूर्यदेव सिंह, अनुरुल हक पिता ताजुद्दीन खां, फैजान खान पिता लुहू तारीक, इब्राहिम खान पिता उस्मान खान तथा कमलेश अग्रवाल शामिल हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

Join WhatsApp

Join Now