सुलभ डीजल उपलब्ध कराने की उठाई मांग, एसडीएम ने समस्याओं के समाधान का दिया भरोसा
गढ़वा: अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के तहत इस सप्ताह अनुमंडल क्षेत्र के जेसीबी मालिकों एवं संचालकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक जेसीबी मालिकों एवं संचालकों ने भाग लेते हुए जनहित, विकास कार्यों और अपने व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं एवं सुझावों को प्रशासन के समक्ष रखा।
कार्यक्रम के दौरान सरस्वतिया नदी के संरक्षण, सफाई एवं पुनर्जीवन को लेकर चलाए जा रहे “आपन सरस्वतिया अभियान” पर भी विशेष चर्चा की गई। इस दौरान उपस्थित प्रतिभागियों में से सात जेसीबी मालिकों ने स्वेच्छा से अपनी-अपनी जेसीबी मशीन एक-एक दिन के लिए अभियान में उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासन का अभियान नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा जनआंदोलन है और इसके लिए वे हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
स्वेच्छा से सहयोग करने वालों में मुकेश कुमार पाठक, राम उदय कंस्ट्रक्शन, रविकांत दुबे, वीरेंद्र तिवारी (मुखिया करकोमा), सकेंद्र मेहता, दीपक पाठक सहित अन्य लोग शामिल रहे।
जनभागीदारी से ही सफल होंगे अभियान
एसडीएम संजय कुमार ने जेसीबी संचालकों के सकारात्मक सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी जनहितकारी अभियान की सफलता जनभागीदारी पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि सरस्वतिया नदी का संरक्षण केवल एक अभियान नहीं बल्कि पर्यावरण, जल संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए समाज के सभी वर्गों का इसमें सहयोग आवश्यक है।
खुलकर रखीं समस्याएं और सुझाव
संवाद कार्यक्रम के दौरान जेसीबी मालिकों ने अपने व्यवसाय से संबंधित कई समस्याओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सुझाव दिए। एसडीएम ने सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए आवश्यक पहल करने का भरोसा दिलाया।
अवैध कार्यों से दूर रखने की अपील
एसडीएम ने सभी जेसीबी संचालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी मशीनों को किसी भी प्रकार के अवैध खनन या गैरकानूनी गतिविधियों में उपयोग नहीं करें। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य भविष्य में गंभीर कानूनी परेशानियां उत्पन्न कर सकते हैं।
आपदा और दुर्घटनाओं में मदद करने की अपील
कार्यक्रम के दौरान एसडीएम ने सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आपदा की स्थिति में मानवीय आधार पर आगे आकर सहयोग करने की अपील भी की। इस पर कई संचालकों ने बताया कि उनके आसपास दुर्घटना होने पर वे पलटे वाहनों को उठाने एवं राहत कार्यों में सक्रिय सहयोग करते हैं। इस मानवीय पहल की एसडीएम ने सराहना की।
डीजल की उपलब्धता की समस्या भी उठी
कुछ जेसीबी संचालकों ने बताया कि पेट्रोल पंपों पर उन्हें अधिकतम दो हजार रुपये तक का ही डीजल उपलब्ध कराया जाता है, जबकि जेसीबी संचालन के लिए अधिक मात्रा में ईंधन की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कम से कम 50 लीटर डीजल उपलब्ध कराने की मांग रखी। इस पर एसडीएम ने संबंधित संगठनों एवं अधिकारियों से बातचीत कर उचित समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रतिभागियों ने इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को प्रशासन एवं आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय और समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बताया।
‘कॉफी विद एसडीएम’ में पहुंचे जेसीबी संचालक, सरस्वतिया अभियान के लिए सात ने स्वेच्छा से दी जेसीबी













