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रांची:करैत के जहर ने उजाड़ा परिवार, झाड़ फूंक के चक्कर में पिता पुत्र की गई जान

On: June 9, 2026 11:35 AM
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रांची: राजधानी रांची के अनगड़ा प्रखंड स्थित बैजनाथ टाटा गांव में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। करैत सांप के डंसने से एक पिता और उसके मासूम बेटे की जान चली गई। ग्रामीणों के अनुसार, समय पर इलाज नहीं मिलने और झाड़-फूंक में बहुमूल्य समय गंवाने के कारण दोनों को बचाया नहीं जा सका।
मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सुधीर महतो और उनके 10 वर्षीय पुत्र रितेश महतो के रूप में हुई है। बताया जाता है कि भीषण गर्मी के कारण दोनों घर के कच्चे फर्श पर सो रहे थे। देर रात एक करैत सांप वहां पहुंचा और सोते समय दोनों को डंस लिया। नींद में होने के कारण उन्हें तत्काल इसका आभास नहीं हो सका।
कुछ समय बाद रितेश की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टी होने लगी। परिवार के लोगों ने जब कमरे की जांच की तो एक सांप दिखाई दिया। हालांकि उस समय किसी ने यह नहीं माना कि पिता-पुत्र को उसी सांप ने काटा है। परिजनों ने सांप को मार दिया और फिर सभी सो गए।
सुबह होते-होते दोनों की हालत तेजी से खराब होने लगी। इसके बावजूद उन्हें सीधे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक का सहारा लिया गया। जब स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई, तब आनन-फानन में दोनों को रिम्स ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के समय सुधीर महतो की पत्नी और बेटी घर के दूसरे कमरे में सो रही थीं। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पिता और पुत्र की एक साथ मौत से गांव में शोक का माहौल है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास पर भरोसा न करें, बल्कि बिना देरी किए मरीज को अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर एंटी-वेनम उपचार से जान बचाई जा सकती है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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