रांची: प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में हुए पिछले शैक्षणिक सत्र के प्रवेश प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और टेंडर में गड़बड़ी के खिलाफ सीबीआई ने दबिश दी है। आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर गलत दस्तावेजों और संदिग्ध प्रमाणपत्रों के आधार पर मेडिकल सीट हासिल कर ली, जिससे योग्य उम्मीदवारों के अधिकार प्रभावित हुए।
इन्हीं आरोपों की जांच के तहत बुधवार को राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी की विशेष टीम ने रिम्स पहुंचकर प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल शुरू कर दी। जांच अधिकारियों ने एडमिशन से संबंधित कई फाइलों, कंप्यूटर डेटा और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, शिकायतों में जाति और निवास प्रमाण पत्रों की सत्यता पर सवाल उठाए गए थे। प्रारंभिक स्तर पर मामले में कुछ तथ्य सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच सीआईडी को सौंप दी। इसके बाद एजेंसी ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संस्थान के विभिन्न विभागों से आवश्यक दस्तावेज जुटाने शुरू कर दिए हैं।
सीआईडी की कार्रवाई के बाद रिम्स प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। जांच टीम प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित अनियमितताओं के पीछे कौन-कौन जिम्मेदार हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच में बड़े स्तर की गड़बड़ियां साबित होती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी केवल कुछ अभ्यर्थियों या निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगी। जांच का दायरा शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंच सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें सीआईडी की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
रिम्स में दाखिले और टेंडर में कथित अनियमितता के खिलाफ सीआईडी की दबिश









