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जमशेदपुर की जनता के साथ चल,शिलान्यास,बजट मिला,लेकिन डिमना आईएसबीटी अब तक नहीं : सौरभ विष्णु

On: July 4, 2026 1:33 PM
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जमशेदपुर: शहर की बदहाल मानगो बस स्टैंड व्यवस्था और वर्षों से लंबित डिमना अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) परियोजना को लेकर जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मानगो बस स्टैंड की क्षमता मात्र 150 बसों की है, जबकि प्रतिदिन करीब 650 बसों का संचालन होता है। क्षमता से कई गुना अधिक बसों के कारण सड़क किनारे बसों की लंबी कतारें लगती हैं, जिससे लगातार जाम, दुर्घटना होते रहता है और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वर्षों से केवल घोषणाएं और शिलान्यास होते रहे, लेकिन जमीन पर कोई ठोस काम दिखाई नहीं देता।

सौरभ विष्णु ने बताया कि अगस्त 2025 में 145.24 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक आईएसबीटी को सैद्धांतिक और प्रशासनिक मंजूरी दी गई थी। जुइडको को कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया तथा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत पांच मंजिला आधुनिक बस टर्मिनल, 23 बस बे, 18 टिकट काउंटर, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, छात्रावास, भोजनालय और पार्किंग जैसी सुविधाओं की घोषणा की गई। लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि जिस 13 एकड़ भूमि पर आईएसबीटी बनना है, उसी जगह आज नगर निगम कचरा डंपिंग कर रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब मंत्रिमंडल की मंजूरी, बजट और एजेंसी सब तय हो चुके हैं, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ।

सौरभ विष्णु ने मांग की कि आईएसबीटी स्थल से तत्काल कचरा हटाकर निर्माण कार्य शुरू किया जाए, परियोजना की वर्तमान स्थिति और निर्माण प्रारंभ होने की निश्चित तिथि सार्वजनिक की जाए तथा निर्माण पूरा करने की स्पष्ट समय-सीमा घोषित की जाए। नया आईएसबीटी बनने तक वर्तमान मानगो बस स्टैंड में बसों की पार्किंग, यात्री सुविधाओं और यातायात व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, ताकि शहरवासियों और यात्रियों को जाम व अव्यवस्था से राहत मिल सके।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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