
गढ़वा। बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल में शिक्षक दीपक कुजूर की हत्या के बहुचर्चित मामले का गढ़वा पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने खुलासा करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश प्रेम प्रसंग और प्रतिशोध की भावना में रची गई थी। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो अवैध देशी पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो, एक मोटरसाइकिल तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। मामले में एक आरोपी को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत भेजा जा चुका है, जबकि एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस के अनुसार 19 जुलाई 2026 की सुबह करीब 10:15 बजे सूचना मिली थी कि बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल स्थित ललमटिया के पास अज्ञात अपराधियों ने एक व्यक्ति को गोली मारने के बाद धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थलt पर पहुंची, जहां से जिंदा कारतूस और खोखा बरामद किया गया। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरिया भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान सिमडेगा जिले के पांकरटांड़ थाना क्षेत्र के मंगरकुंडा निवासी शिक्षक दीपक कुजूर के रूप में हुई। इस मामले में बड़गड़ थाना कांड संख्या 24/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता एवं आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी पूर्व में डालटनगंज में कार्यरत थी। वहीं उसकी पहचान अपने मालिक मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गए। बाद में दिसंबर 2025 में महिला की शादी दीपक कुजूर से हो गई और वह अपने पति के साथ सिमडेगा रहने लगी। कुछ समय पूर्व दंपती को एक बेटी भी हुई थी।
पुलिस के अनुसार मतिन अख्तर चाहता था कि महिला अपनी बेटी के साथ उसके पास डालटनगंज आकर रहे, लेकिन ऐसा नहीं होने पर उसने प्रतिशोध की भावना से अपने साथियों के साथ मिलकर दीपक कुजूर की हत्या की साजिश रची। 19 जुलाई को जब दीपक कुजूर अपने ससुराल बरवां (रमकंडा) से सिमडेगा लौट रहे थे, उसी दौरान सालो जंगल में उनकी गोली मारकर तथा धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई।
अनुसंधान के दौरान पहले परवेज आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान (42 वर्ष), निवासी नवाटोली, डालटनगंज तथा मफुज अंसारी (23 वर्ष), निवासी कुमनी, थाना चैनपुर, जिला पलामू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से दो अवैध देशी पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस पूरे अभियान का नेतृत्व एसआईटी ने किया। छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह, थाना प्रभारी बड़गड़ दीपक कुमार मौर्य, थाना प्रभारी भंडरिया सुभाष कुमार पासवान, थाना प्रभारी रंका रवि कुमार केशरी, थाना प्रभारी रमकंडा मुकेश कुमार यादव, अनिल हेम्ब्रम, संतोष कुमार उपाध्याय, तकनीकी शाखा की टीम तथा बड़गड़ थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।




