
मझिआंव (गढ़वा): नगर पंचायत क्षेत्र के दुबे तहले गांव निवासी लालजी रजवार की पत्नी सरिता देवी को सांप ने काट लिया। परिजनों ने उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के तहत उन्हें एक इंजेक्शन लगाया।
परिजनों के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद सरिता देवी के ससुर उन्हें अस्पताल से वापस घर ले आए और झाड़-फूंक कराने के लिए एक तांत्रिक के पास ले गए। बताया जाता है कि झाड़-फूंक के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भी तैयार नहीं थे। बाद में स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह के समझाने-बुझाने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, ताकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की आधिकारिक जांच की जा सके।
यह घटना एक बार फिर समय पर चिकित्सकीय उपचार और अंधविश्वास के बीच के गंभीर सवालों को सामने लाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि सांप काटने की स्थिति में मरीज को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाकर डॉक्टर की निगरानी में पूरा इलाज कराना चाहिए।
फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही सरिता देवी की मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।







