The dead woman's body. Focus on hand
चतरा: जिले के इटखोरी थाना क्षेत्र के पकरिया गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मामला गंभीर हो गया है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी पुलिस को दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिससे मामले में साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही है।
मृतका की पहचान चांदनी देवी के रूप में हुई है। वह गिरिडीह जिले के डुमरी निवासी नितेश कुमार साहू की बहन थी। नितेश के अनुसार, करीब 12 वर्ष पहले चांदनी की शादी पकरिया गांव निवासी त्रिवेणी साव के साथ हुई थी।
पति पर दूसरी महिला से संबंध का आरोप
मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि शादी के कुछ वर्षों बाद से ही उसकी बहन और उसके पति के बीच विवाद रहने लगा था। नितेश का दावा है कि त्रिवेणी साव के किसी अन्य महिला से कथित संबंध थे, जिसका चांदनी विरोध करती थी। आरोप है कि विरोध करने पर पति शराब के नशे में उसके साथ मारपीट करता था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि चांदनी को कथित रूप से प्रताड़ित करने में उसके ससुर महावीर साव, सास कैलती देवी और ननद प्रतिमा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे।
पेट दर्द बताकर दी मौत की सूचना
नितेश कुमार साहू के मुताबिक, बीती रात ससुराल पक्ष की ओर से परिवार को फोन कर बताया गया कि चांदनी की मौत पेट दर्द के कारण हो गई है। सूचना मिलने के बाद मायके वाले जब पकरिया गांव पहुंचे, तो वहां उन्हें शव नहीं मिला।
परिजनों का आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही ससुराल पक्ष ने आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। मायके वालों का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस को भी घटना की जानकारी नहीं दी गई।
श्मशान घाट पहुंची पुलिस, तब तक जल चुका था शव
इटखोरी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के अनुसार, मायके पक्ष से सूचना मिलने के बाद पुलिस सुबह करीब 9 बजे श्मशान घाट पहुंची। हालांकि, पुलिस के पहुंचने तक शव पूरी तरह जल चुका था। ऐसे में शव का पोस्टमार्टम कराना संभव नहीं हो सका।
घटना के बाद मृतका के भाई की लिखित शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
16 नामजद और 20 अज्ञात के खिलाफ केस
पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर पति त्रिवेणी साव, सास कैलती देवी, ससुर महावीर साव समेत अन्य रिश्तेदारों को आरोपी बनाया गया है। मामले में कुल 16 नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या तथा साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के वास्तविक कारण और विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।





