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गढ़वा: जिले के रंका-गोदरमाना मुख्य मार्ग पर बरवाहा मोड़ के समीप पांच जून को हुई सड़क दुर्घटना का मामला अब हत्याकांड में बदल गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि श्रीकांत रवि की मौत किसी हादसे में नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई थी। पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए मृतक की पत्नी मनीषा, उसके प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप वाहन चालक परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, साजिश में शामिल दो अन्य आरोपी इमरान अंसारी और असराज अंसारी अभी फरार हैं।
रंका के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रोहित रंजन सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज निवासी श्रीकांत रवि की हत्या उसकी पत्नी मनीषा ने अपने प्रेमी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर कराई थी। हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने के लिए पिकअप वाहन से श्रीकांत की मोटरसाइकिल में टक्कर मारी गई थी।
पति को रास्ते से हटाने की बनी योजना
पुलिस के अनुसार, मनीषा की शादी करीब 13 वर्ष पहले रामानुजगंज स्थित शासकीय उच्च विद्यालय में आदेशपाल के पद पर कार्यरत श्रीकांत रवि से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। इसी दौरान विजयनगर निवासी मोहम्मद हसन, जो रामानुजगंज में मोबाइल की दुकान चलाता है, कुछ समय के लिए श्रीकांत के घर में किराएदार बनकर रहने लगा।
पुलिस जांच के मुताबिक, इसी दौरान मनीषा और मोहम्मद हसन के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। इसकी जानकारी श्रीकांत को होने के बाद पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। बताया जाता है कि मनीषा अपने पति से अलग होकर मोहम्मद हसन के साथ रहना चाहती थी। पिछले कुछ महीनों से वह अपने मायके चिनियां में रह रही थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने साथ रहने के लिए श्रीकांत को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके बाद हत्या को दुर्घटना का रूप देने की साजिश तैयार की गई।
एक लाख रुपये में तय किया गया काम
जांच में पुलिस को पता चला कि हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए रंका थाना क्षेत्र के बांदू गांव निवासी पिकअप चालक परवेज अंसारी को शामिल किया गया। पुलिस के मुताबिक, हत्या के लिए उसे ऑनलाइन माध्यम से एक लाख रुपये का भुगतान किया गया था।
घटना वाले दिन मनीषा ने लंबे समय से बंद बातचीत के बाद अचानक श्रीकांत से संपर्क किया और उसे मिलने के लिए चिनियां बुलाया। श्रीकांत अपनी अपाचे मोटरसाइकिल से चिनियां के लिए रवाना हुआ।
अर्टिगा से किया पीछा, पिकअप से मारी टक्कर
पुलिस के मुताबिक, श्रीकांत के घर से निकलने के बाद मोहम्मद हसन अपने साथियों इमरान अंसारी और असराज अंसारी के साथ अर्टिगा कार से उसका पीछा करने लगा। दूसरी ओर पिकअप चालक परवेज अंसारी भी पहले से तय स्थान पर मौजूद था।
श्रीकांत जब रंका-गोदरमाना मार्ग पर बरवाहा मोड़ के पास पहुंचा, तभी पिकअप वाहन ने उसकी अपाचे मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि श्रीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की और वहां से फरार हो गए।
मृतक की मां के आवेदन पर शुरू हुई जांच
घटना के बाद श्रीकांत की मां शांति देवी ने पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर को आवेदन देकर मामले की जांच और घटना की वास्तविकता सामने लाने की मांग की। आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर पूरे मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी और टावर लोकेशन का विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच में आरोपियों की मौजूदगी घटना के आसपास के क्षेत्र में पाई गई। इसके बाद पुलिस का संदेह गहराता गया और पूछताछ व अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
तीन आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी मनीषा, उसके प्रेमी मोहम्मद हसन और पिकअप चालक परवेज अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
वहीं, इस मामले में कथित रूप से शामिल इमरान अंसारी और असराज अंसारी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।







