
जमशेदपुर: कदमा थाना क्षेत्र के विजया हेरिटेज फेज-6 निवासी होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मामले के कथित मुख्य साजिशकर्ता अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह को कानपुर से गिरफ्तार किया है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर शनिवार देर रात पुलिस टीम ने उसे ट्रेस किया और हिरासत में लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अभिमन्यु सिंह को जमशेदपुर लेकर पहुंची है। फिलहाल वरीय पुलिस अधिकारियों की टीम उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान हत्या की साजिश, शूटरों से संपर्क और वारदात के पीछे के कारणों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
मोबाइल लोकेशन के जरिए पुलिस पहुंची कानपुर
पुलिस जांच के दौरान अभिमन्यु सिंह की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस को उसके कानपुर में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सिंटू से कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। जांच की आवश्यकता के अनुसार पुलिस उसे घटनास्थल समेत अन्य स्थानों पर ले जाकर भी पड़ताल कर सकती है।
फायरिंग और रंगदारी समेत कई मामले दर्ज
पुलिस के अनुसार, अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू सिंह के खिलाफ अलग-अलग थानों में फायरिंग, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। पूर्व में जमशेदपुर पुलिस की ओर से उसे तड़ीपार भी किया जा चुका है। इसके बाद वह कपाली इलाके में रहकर कथित तौर पर अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था।
जमीन के कारोबार से भी जुड़ा था नाम
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद सिंटू सिंह हाईवे के आसपास के इलाकों के अलावा चांडिल, कपाली और एमजीएम थाना क्षेत्र में जमीन के कारोबार में सक्रिय था। पुलिस अब उसके जमीन कारोबार से जुड़े संपर्कों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद उसके संपर्क अखिलेश सिंह गिरोह से भी जुड़े थे। इससे पहले उसका नाम मानगो क्षेत्र के अपराधी गुड्डू पांडेय के गिरोह से भी जुड़ा रहा था। बाद में गणेश सिंह को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद की बात सामने आई थी। पुलिस इस पुराने विवाद और निखार सबलोक हत्याकांड के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है।
हत्या से पहले करीब एक सप्ताह तक की गई थी रेकी
पुलिस जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, निखार सबलोक की हत्या से करीब एक सप्ताह पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
रेकी के लिए अभिमन्यु सिंह उर्फ सिंटू द्वारा मानगो डिमना रोड निवासी विश्वनाथ से लाल रंग की एक कार खरीदे जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस को आशंका है कि इसी कार का इस्तेमाल निखार की गतिविधियों की निगरानी के लिए किया गया था।
साजिश और शूटरों की भूमिका खंगाल रही पुलिस
मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब हत्याकांड की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि निखार सबलोक की हत्या की साजिश कब और कैसे रची गई, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और शूटरों तक किस माध्यम से पहुंच बनाई गई।
अभिमन्यु सिंह से पूछताछ के बाद पुलिस को हत्याकांड के पीछे के कथित कारणों और वारदात में शामिल अन्य लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पूरे मामले का अंतिम खुलासा पुलिस की विस्तृत जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



