
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के चंदवारा प्रखंड अंतर्गत बेंदी पंचायत के वीरगढ़ा गांव में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नवसृजित प्राथमिक विद्यालय वीरगढ़ा के अर्धनिर्मित दो मंजिला भवन का ऊपरी हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर पड़ा। जिस समय भवन का हिस्सा जमींदोज हुआ, उस वक्त स्कूल में बच्चे मिड-डे मील खा रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ मलबा गिरने से विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
गनीमत रही कि हादसे में कोई बच्चा या शिक्षक घायल नहीं हुआ। समय रहते बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
तेज बारिश के बीच अचानक गिरा भवन का हिस्सा
जानकारी के अनुसार, सोमवार को इलाके में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान विद्यालय परिसर में लंबे समय से अधूरा पड़ा दो मंजिला भवन अचानक कमजोर होकर ढह गया। भवन के ऊपरी हिस्से के गिरने से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे आकर फैल गया।
हादसे के वक्त विद्यालय के बच्चे मिड-डे मील खा रहे थे। भवन का हिस्सा गिरते ही स्कूल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक ने तत्काल बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
2010 के आसपास से अधूरा पड़ा है भवन
बताया जा रहा है कि विद्यालय का दो मंजिला भवन करीब वर्ष 2010 के आसपास बनाया गया था, लेकिन इसका निर्माण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद से भवन का ऊपरी हिस्सा लंबे समय से अधूरा पड़ा हुआ था। समय के साथ भवन का यह हिस्सा जर्जर होता चला गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भवन गिरने के समय बच्चे उसके नीचे या आसपास मौजूद होते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। बारिश के दौरान इस तरह भवन का गिरना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
स्कूल में 37 बच्चे, सिर्फ एक शिक्षक के जिम्मे व्यवस्था
विद्यालय में वर्तमान में करीब 37 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल में फिलहाल केवल एक शिक्षक पिंटू कुमार कार्यरत हैं। ऐसे में विद्यालय परिसर में किसी बड़े हादसे की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित निकालना भी एक चुनौती बन सकता है।
शिक्षक पिंटू कुमार ने बताया कि घटना के समय बच्चे मिड-डे मील खा रहे थे। भवन का हिस्सा गिरने के बाद तत्काल सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि घटना में किसी बच्चे के घायल होने की सूचना नहीं है।
अभिभावकों ने उठाई जांच और सुरक्षा की मांग
अर्धनिर्मित भवन का हिस्सा गिरने के बाद स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से अधूरा पड़ा भवन बच्चों के लिए खतरा बना हुआ था। बारिश के दौरान इसका हिस्सा गिरना इस खतरे का उदाहरण है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग से विद्यालय भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही जर्जर और अर्धनिर्मित हिस्से को जल्द से जल्द हटाने अथवा सुरक्षित करने की मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
फिलहाल घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन स्कूल भवन की स्थिति ने विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



