
रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले के पाली-सुद्दी पारगढ़ा गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। महज 24 घंटे के भीतर एक महिला और उसके दो बेटों की मौत हो गई। चार-पांच दिनों से बीमार चल रहे दोनों बच्चों की बुधवार शाम अचानक हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने के दौरान दोनों भाइयों ने करीब 10 मिनट के अंतराल में दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर हालत में रांची रिम्स में भर्ती उनकी मां संगीता देवी की भी गुरुवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। एक साथ तीन मौतों से गांव में मातम के साथ-साथ बीमारी को लेकर दहशत का माहौल है।
मृतकों की पहचान शंकर बेदिया की पत्नी संगीता देवी तथा उनके बेटे रामकिशुन (15) और साहिल (9) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों पिछले चार-पांच दिनों से बीमार थे।
परिजनों के अनुसार, रामकिशुन, साहिल और उनकी मां संगीता देवी की तबीयत कई दिनों से खराब थी। परिवार के लोगों का मानना था कि जंगलों व पहाड़ों में खुखड़ी (मशरूम) चुनने के दौरान उन्हें ‘ऊपरी हवा’ लग गई है। इसके कारण शुरुआती दो दिनों तक अस्पताल या डॉक्टर से इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक कराई गई। हालांकि, जब तीनों की हालत लगातार बिगड़ने लगी तो परिजनों ने निजी चिकित्सक से संपर्क किया। पैथोलॉजी जांच में मलेरिया और टाइफाइड के लक्षण सामने आने की बात कही गई। इसके बाद तीनों का इलाज शुरू किया गया और दवाइयां दी गईं।
इलाज शुरू होने के बावजूद बुधवार शाम अचानक तीनों की तबीयत बेहद गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से परिवार उन्हें तत्काल भुरकुंडा स्थित एक निजी क्लिनिक लेकर पहुंचा। वहां चिकित्सकों ने 15 वर्षीय रामकिशुन को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गंभीर हालत में छोटे बेटे साहिल और उनकी मां संगीता देवी को सदर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में 9 वर्षीय साहिल ने दम तोड़ दिया।
संगीता देवी की स्थिति भी बेहद गंभीर थी। डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। रिम्स में उपचार के दौरान गुरुवार शाम उनकी भी मौत हो गई। इस तरह करीब एक दिन के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई।
इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। मृत बच्चों के पिता शंकर बेदिया ओडिशा में मजदूरी करते हैं और बुधवार को ही घर लौटे थे। घर लौटने के कुछ ही समय बाद उन्हें अपने दोनों बेटों और पत्नी की मौत का सामना करना पड़ा। वहीं, बड़ी बेटी बेबी कुमारी भी अपने दोनों भाइयों को खोने के बाद सदमे में है। अचानक हुई इन मौतों की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की सूचना मिलते ही पतरातू प्रखंड का स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन सक्रिय हो गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम सुद्दी पारगढ़ा गांव पहुंची और मलेरिया जांच के लिए शिविर लगाया। शिविर में दर्जनों ग्रामीणों के रक्त के नमूने लिए गए। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों की जांच करने के साथ ही बीमारी के संभावित संक्रमण को लेकर भी जानकारी जुटाई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की टीम ने गांव के विभिन्न चापाकलों से पानी के नमूने भी एकत्र किए हैं। इन नमूनों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं गांव के पेयजल स्रोत में किसी प्रकार का संक्रमण तो नहीं है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पतरातू बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत त्वरित मुआवजा दिलाने और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में जांच और निगरानी कर रही है। तीनों मौतों के पीछे बीमारी का वास्तविक कारण क्या था, इसे लेकर चिकित्सकीय जांच और संबंधित रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।







