
रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार से राज्य के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने शनिवार, 5 सितंबर को झारखंड के पांच जिलों में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। इनमें देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राज्य के बाकी हिस्सों में भी मौसम पूरी तरह शुष्क रहने के आसार नहीं हैं। कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, रांची में भी 4 और 5 सितंबर को हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है।
झारखंड के मौसम में अगले सप्ताह एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी में 8-9 सितंबर के आसपास नए निम्न दबाव क्षेत्र (Low Pressure Area) के बनने की संभावना जताई गई है। इसके सक्रिय होने पर झारखंड में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के सब-डिविजनल वार्निंग में भी 8 सितंबर के लिए राज्य में भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
इस सिस्टम का प्रभाव खासकर संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है। देवघर, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के अलावा जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बन रही है। वहीं, राज्य के अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लगातार हो रही बारिश ने इस मानसून सीजन में झारखंड की बारिश की कमी को काफी हद तक दूर कर दिया है। 1 जून से 3 सितंबर 2026 के बीच राज्य में सामान्य बारिश 823.7 मिमी मानी जाती है, जबकि इस अवधि में अब तक 819.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी राज्य सामान्य औसत से सिर्फ 3.8 मिमी पीछे है। इस लिहाज से झारखंड में मानसून की कुल बारिश लगभग सामान्य स्तर पर पहुंच चुकी है।
हालांकि, राज्य का औसत आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंचने के बावजूद सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देवघर में सामान्य से करीब 33 फीसदी, गिरिडीह में 22 फीसदी, गुमला में 22 फीसदी, हजारीबाग में 20 फीसदी, कोडरमा में 24 फीसदी, पाकुड़ में 47 फीसदी और साहिबगंज में 25 फीसदी तक कमी दर्ज की गई है।





