
जमशेदपुर। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से लापता हुए तीन वर्षीय मासूम आर्यन महानंद के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने महज कुछ घंटों में कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि बच्चे के अपहरण के पीछे कथित तौर पर फिरौती की मांग नहीं, बल्कि उसे मुंबई ले जाकर भीख मंगवाने और बेचने की योजना थी।
मामले में पुलिस ने कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती निवासी 42 वर्षीय असलम खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
खेलते-खेलते गायब हुआ मासूम, परिवार में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, 4 सितंबर की दोपहर करीब तीन बजे कैरेज कॉलोनी स्थित सेवा आश्रम से आर्यन अचानक लापता हो गया। काफी तलाश के बाद भी जब बच्चे का पता नहीं चला तो परिजनों ने बर्मामाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामला तीन साल के बच्चे से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।
तकनीकी निगरानी से मिला सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर नगर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी निगरानी के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर बच्चे और आरोपी की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी बच्चे को लेकर जमशेदपुर से बाहर निकल चुका है। इसके बाद पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया गया और संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई।
खड़गपुर में पुलिस ने दबोचा, सुरक्षित मिला आर्यन
जांच टीम को आरोपी के खड़गपुर की ओर जाने की जानकारी मिली। इसके बाद खड़गपुर स्टेशन के आसपास घेराबंदी की गई। पुलिस ने आरोपी असलम खान को पकड़ लिया और उसके कब्जे से मासूम आर्यन को सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, अपहरण के करीब छह घंटे के भीतर बच्चे को बरामद कर लिया गया।
मुंबई में भीख मंगवाने की थी कथित योजना
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह पहले मुंबई में हाजी अली दरगाह के आसपास रहकर भीख मांग चुका है। पुलिस के अनुसार, इसी अनुभव के आधार पर उसने कथित तौर पर बच्चे को मुंबई ले जाने की योजना बनाई थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी की मंशा बच्चे को मुंबई पहुंचाकर वहां भीख मंगवाने और कथित तौर पर बेचने की थी। पुलिस अब इस खुलासे के आधार पर मुंबई से जुड़े संभावित संपर्कों और किसी संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी मिला
जांच के दौरान पुलिस को असलम खान के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी मिली है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ गोलमुरी थाना क्षेत्र में पहले भी मामला दर्ज रहा है। वर्ष 2000 में दर्ज एक दुष्कर्म के मामले में उसके जेल जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले इस वारदात में शामिल था या उसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति अथवा संगठित नेटवर्क भी सक्रिय है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
मासूम की सुरक्षित बरामदगी में बर्मामाइंस थाना प्रभारी कुमार सरयू आनंद, पुलिस अवर निरीक्षक दुति कृष्ण महतो समेत सशस्त्र बल के जवानों की भूमिका रही। जमशेदपुर पुलिस ने पश्चिम बंगाल पुलिस के सहयोग से तेजी से कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित परिवार तक पहुंचाया।






