
आकाश लोहार
गढ़वा
जिस घर में बेटी जन्म लेती है,वहां सिर्फ एक बच्ची नहीं आती,बल्कि अपने साथ ढेरों सपने,उम्मीदें और खुशियां लेकर आती है,जरूरत है तो बस उन सपनों को पंख देने की,बेटी को शिक्षा मिले,बेहतर स्वास्थ्य मिले और उसका विवाह सम्मान के साथ हो,इसी सोच को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
इसी कड़ी में बुधवार को रमना प्रखंड के बनखेता ग्राम में फाउंडेशन की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया,अभियान के दौरान ग्रामीणों को बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक विवाह के प्रति जागरूक किया गया,लोगों को समझाया गया कि बेटी की पढ़ाई किसी बोझ का नाम नहीं,बल्कि पूरे परिवार और समाज के बेहतर भविष्य की नींव है।
इस अवसर पर जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन के सचिव रितेश तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने कहा कि बेटी हमारी लक्ष्मी है,उन्होंने कहा कि बेटियों को बराबरी का अधिकार और अवसर देना हर परिवार की जिम्मेदारी है,जब एक बेटी शिक्षित और स्वस्थ होती है,तो उसका लाभ सिर्फ एक परिवार को नहीं,बल्कि आने वाली पूरी पीढ़ी को मिलता है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बेटियों की शिक्षा को बीच में न रोकें,उनके स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और कम उम्र में विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों से दूर रहें,उन्होंने कहा कि समाज की सोच बदलेगी,तभी बेटियों के जीवन में वास्तविक बदलाव आएगा।
जागरूकता अभियान के दौरान ग्रामीणों के बीच बेटियों को लेकर सकारात्मक सोच और जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया,फाउंडेशन का उद्देश्य केवल सामूहिक विवाह तक सीमित नहीं है,बल्कि बेटियों के सम्मान,शिक्षा,स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए समाज को लगातार जागरूक करना भी है।
कार्यक्रम में जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन के सदस्य रमेश कुमार,लक्ष्मण राम,सोनी देवी,ऊषा देवी एवं तारा देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे,क्योंकि बेटी को सिर्फ विदा करना ही जिम्मेदारी नहीं,उसे पढ़ाना,उसे स्वस्थ रखना और उसके सपनों को उड़ान देना भी समाज की जिम्मेदारी है,यही सोच एक बेहतर समाज की पहचान बनेगी।






