
दुमका :जिले में हथियार निर्माण के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हंसडीहा थाना क्षेत्र के रामगढ़ मोड़ के पास रेलवे ओवरब्रिज के समीप एक मकान में संचालित कथित अवैध मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली लेथ मशीन समेत अन्य उपकरण और पूरा सेटअप बरामद किया गया। पुलिस ने संबंधित मकान को सील कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत कोलकाता STF से मिले गुप्त इनपुट के बाद हुई। कुछ दिन पहले कोलकाता STF ने हथियार तस्करी से जुड़े एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर हंसडीहा क्षेत्र में हथियार तैयार किए जाने वाले ठिकाने के बारे में झारखंड पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही दुमका पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ मोड़ के समीप चिन्हित मकान की निगरानी शुरू की। इसके बाद बुधवार को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मकान में छापेमारी की। अंदर हथियार निर्माण से संबंधित मशीनरी और उपकरण देखकर पुलिस अधिकारियों को भी अवैध गतिविधि के बड़े पैमाने पर संचालित होने का अंदेशा हुआ।
लाइन होटल के पास चल रहा था गोरखधंधा
पुलिस के अनुसार, जिस मकान में यह गतिविधि संचालित होने की बात सामने आई है, वह मुख्य सड़क के किनारे स्थित एक व्यस्त लाइन होटल के बिल्कुल समीप है। आबादी और व्यस्त इलाके के बीच ठिकाना होने के बावजूद यहां कथित तौर पर हथियार तैयार करने का काम चल रहा था।
कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद दुमका एसपी पीतांबर सिंह खेरवार भी देर शाम मौके पर पहुंचे और बरामद मशीनरी तथा पूरे परिसर का निरीक्षण किया।
छापेमारी में हंसडीहा सर्किल इंस्पेक्टर प्रियंका आनंद, हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत यादव, सरैयाहाट थाना प्रभारी अनुज कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार और जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार के अलावा कोलकाता STF की टीम भी शामिल रही।
दो युवक हिरासत में, मुख्य संचालक फरार
पुलिस ने मौके से दो स्थानीय युवकों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ कर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही कथित मुख्य संचालक वहां से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस मकान के आसपास गोड्डा और बिहार से आने वाले कुछ संदिग्ध युवकों की आवाजाही देखी जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों का कथित हथियार निर्माण और सप्लाई नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मुख्य संचालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।




