
थाना प्रभारी से कथित गाली-गलौज और धमकी समेत सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों से जुड़ा है मामला, तीन अन्य आरोपियों को भी मिली राहत
धनबाद: डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता जयराम महतो को बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 में बड़ी कानूनी राहत मिली है। धनबाद की MP-MLA विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद जयराम महतो को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। उनके अलावा सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल को भी अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है।
मामला 21 अगस्त 2026 को धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में हुई एक घटना से संबंधित है। पुलिस की ओर से दर्ज प्राथमिकी में थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज करने, धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने जैसे आरोप लगाए गए थे।
हाजत में रखे व्यक्ति को छुड़ाने की कोशिश का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, पूरे प्रकरण में बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखे गए गणेश दास को छुड़ाने की कोशिश किए जाने का आरोप भी शामिल किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले में विधायक जयराम महतो समेत अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ पुलिस महकमे में भी चर्चा का विषय बन गया था।
पुलिस एसोसिएशन ने जताई थी नाराजगी
घटना के बाद झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने भी मामले को गंभीरता से लिया था। एसोसिएशन की ओर से जयराम महतो के कथित व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई थी।
एसोसिएशन ने मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए यह भी कहा था कि यदि आरोपों के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होती है तो पुलिसकर्मी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। इस रुख के बाद बरवाअड्डा थाना प्रकरण को लेकर राजनीतिक और पुलिस संगठनों के बीच बयानबाजी भी तेज हुई थी।
अग्रिम जमानत से फिलहाल गिरफ्तारी का संकट टला
अब धनबाद की MP-MLA विशेष अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद जयराम महतो सहित चार आरोपियों को तत्काल राहत मिल गई है। अग्रिम जमानत का मतलब यह है कि मामले की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहते हुए अदालत के आदेश के अनुसार आरोपियों को गिरफ्तारी से संरक्षण प्राप्त रहेगा।
हालांकि, अदालत से अग्रिम जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी तथा आरोपों पर अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
राजनीतिक रूप से भी अहम है मामला
जयराम महतो झारखंड की राजनीति में सक्रिय युवा नेताओं में शामिल हैं और डुमरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में पुलिस अधिकारी के साथ कथित विवाद और उसके बाद दर्ज प्राथमिकी ने मामले को राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया था।
अब अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद जयराम महतो और उनके समर्थकों को तत्काल राहत मिली है। वहीं, बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर भी राजनीतिक एवं प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।







