
मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम का उल्लेख किया गया है।
CBI अब इस मामले में हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक साजिश, आत्महत्या की कहानी गढ़ने और सबूतों को दबाने अथवा उनमें हेरफेर किए जाने जैसे आरोपों की जांच करेगी। केस में बंद फाइलों के फिर से खुलने और कई बड़े चेहरों की धड़कनें तेज होने की संभावना बढ़ गई है।

पिता का बयान जांच में अहम कड़ी
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान का बयान CBI ने दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने जांच एजेंसी के अधिकारियों के सामने मामले से जुड़े अपने दावे और उपलब्ध जानकारियां साझा की हैं। सतीश सालियान ने कई बड़े नेताओं, अधिकारियों, अभिनेताओं के नाम दर्ज कराए हैं। CBI की शुरुआती जांच में इस बयान को महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
सतीश सालियान पहले भी अपनी बेटी की मौत को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि दिशा के साथ गैंगरेप किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई। अपने बयान और याचिका में उन्होंने कुछ प्रभावशाली लोगों और पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
FIR में कई लोगों की भूमिका की जांच का जिक्र
FIR में आरोप लगाया गया है कि दिशा की मौत के बाद कथित तौर पर एक साजिश के तहत मामले को अलग रूप देने और सबूतों को दबाने या उनमें बदलाव करने की कोशिश की गई। इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
FIR में यह भी कहा गया है कि संबंधित सरकारी कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए कि कहीं सरकारी रिकॉर्ड, केस से जुड़े दस्तावेज या फाइलों को नष्ट, दबाया या उनमें कथित तौर पर हेरफेर तो नहीं किया गया। इसके अलावा आरोपियों को कथित तौर पर बचाने के लिए सरकारी संसाधनों और पुलिस मशीनरी के इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच की बात कही गई है।
जिन लोगों की भूमिका जांच के दायरे में बताए जाने की मांग की गई है, उनमें रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाझे, परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर, अनिल देशमुख समेत कई पुलिस अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं। FIR में डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रोहन रॉय के नाम का भी उल्लेख है।
इसके साथ ही मालवणी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारियों, पोस्टमार्टम से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों तथा कालिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है।
सुरक्षा गार्डों और अन्य लोगों के नाम भी FIR में
FIR में Regent Galaxy Building के सुरक्षा गार्डों समेत कई अन्य लोगों के नाम भी दर्ज किए गए हैं। इनमें सुशील कुमार यादव, शिवमुराद गौतम उर्फ मुन्ना, प्रीति राणे, प्रवीण राणे, अंकिता सातुर, इंद्रनील वैद्य, दीप अजमेरा, हिमांशु शिखारे, रेशा पाडवाल, सतवंत सिंह, नावेद मुजावर और प्रियेश राणे के नाम शामिल बताए गए हैं।
इसके अलावा SIT के वरिष्ठ सदस्यों, उन पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की बात कही गई है, जिनकी निगरानी में कथित तौर पर जांच या पूछताछ हुई थी। FIR में ऐसे अन्य अज्ञात लोगों को भी जांच के दायरे में रखने की बात कही गई है, जिनकी भूमिका कथित अपराध या उसके बाद मामले को दबाने में रही हो सकती है।
8 जून को हुई थी दिशा की मौत
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक बहुमंजिला इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उनकी मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कथित संबंध को लेकर लंबे समय से सवाल और अटकलें सामने आती रही हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच बाद में CBI को सौंपी गई थी। एजेंसी ने अपनी जांच में मौत को आत्महत्या माना था और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिस पर अदालत में कार्यवाही लंबित है।
वहीं दिशा सालियान केस में मालवानी पुलिस ने एक्सिडेंटल मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी। वहीं, जांच के बाद ये नतीजा निकला था कि दिशा की मौत आत्महत्या की वजह से हुई थी और उसमें गड़बड़ी के कोई सबूत नहीं मिले थे। दिसंबर 2023 में राज्य सरकार द्वारा बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को भी दिशा की मौत में किसी गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं मिला था।
करीब छह साल पुराने दिशा सालियान केस की जांच एक बार फिर अहम मोड़ पर पहुंच गई है। अब सीबीआई के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि दिशा की मौत वाली रात आखिर हुआ क्या था और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। इसके साथ ही मेडिकल रिपोर्ट, पुलिस रिकॉर्ड और मोबाइल फोन से जुड़े सवालों की भी गहन जांच की जाएगी। FIR में लगाए गए विभिन्न आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर क्या है, इन सभी पहलुओं का जवाब अब CBI की जांच में तलाशा जाएगा।







