
अबुजा: नाइजीरिया के ओंडो राज्य में स्थानीय स्तर पर तैयार की गई शराब पीने के बाद कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 100 अन्य लोग अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि शराब में जहरीला रसायन मेथनॉल मिला हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।
ओंडो राज्य के स्वास्थ्य आयुक्त बांजी अजाका के मुताबिक, जहरीली शराब पीने से प्रभावित लोगों के मामले ओडिग्बो और इरेले स्थानीय सरकारी क्षेत्रों से सामने आए हैं। अब तक कुल 182 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है। इनमें से कई लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मेथनॉल शरीर के लिए बेहद खतरनाक
ओंडो के स्वास्थ्य आयुक्त बांजी अजाका ने द एसोसिएटेड प्रेस (AP) को बताया कि मेथनॉल युक्त शराब का असर बहुत तेजी से हो सकता है। उन्होंने कहा कि सेवन की मात्रा के आधार पर इससे किडनी फेल हो सकती है, आंखों की रोशनी जा सकती है और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
‘मंकी टेल’ पेय में मिलावट की आशंका
स्थानीय लोगों ने AP को बताया कि उन्हें आशंका है कि अधिक अल्कोहल वाले लोकप्रिय हर्बल पेय ‘मंकी टेल’ में मेथनॉल मिलाया गया था। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी इसकी अंतिम पुष्टि नहीं की गई है।
ओडिग्बो में यह पेय बेचने वाले एक कारोबारी ने गिरफ्तारी के डर से नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि ‘मंकी टेल’ के दो तरह के संस्करण बाजार में मिलते हैं। उनके अनुसार, एक सामान्य और सुरक्षित माना जाता है, जबकि दूसरा कथित तौर पर असुरक्षित है।
पुलिस ने 15 लोगों को किया गिरफ्तार
ओंडो राज्य पुलिस के प्रवक्ता अबायोमी जिमोह ने बताया कि मामले की जांच के सिलसिले में अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक व्यक्ति कथित तौर पर ऐसे पदार्थों के उत्पादन में शामिल था, जिनमें मेथनॉल होने का संदेह है। पुलिस के अनुसार, वह जांच में सहयोग कर रहा है।
ग्रामीण इलाकों में स्थानीय शराब का व्यापक इस्तेमाल
अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले देश नाइजीरिया में स्थानीय स्तर पर तैयार की जाने वाली शराब का सेवन आम है। खासकर ग्रामीण इलाकों में इन पेय पदार्थों की मांग अधिक रहती है, क्योंकि ये अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं। इनके उत्पादन और बिक्री पर पर्याप्त नियमन नहीं होने से मिलावट और जहरीले पदार्थों के इस्तेमाल का जोखिम भी बना रहता है।
इस बीच, नाइजीरिया की नेशनल एजेंसी फॉर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन एंड कंट्रोल (NAFDAC) देशभर में पाउच और छोटी प्लास्टिक की बोतलों में बिकने वाली शराब पर प्रतिबंध लागू कर रही है। एजेंसी का कहना है कि इस तरह की पैकेजिंग वाली शराब बच्चों और युवाओं तक आसानी से पहुंच सकती है।






