
सोनीपत: हरियाणा के सोनीपत से पालतू कुत्ते के हमले का एक बेहद भयावह मामला सामने आया है। यहां एक पिटबुल कुत्ते ने महज 6 महीने के बच्चे पर हमला कर दिया। हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके चेहरे, मुंह, पेट, हाथ समेत शरीर के कई हिस्सों पर गहरे जख्म आए हैं।
परिजन बच्चे को दिल्ली में शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल ले गए, जहां पर डाक्टरों ने उसके पेट का आपरेशन किया। बच्चे को पेट में 20 टांके लगे हैं। इलाज में साढ़े तीन लाख रुपये लगने पर बच्चे को रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पिटबुल बच्चे पर हमला करता हुआ नजर आ रहा है।
पीड़ित बच्चे के दादा राकेश, जो हरियाणा शहरी विकास निगम में सीवरमैन हैं, ने बताया कि उनका बेटा कैलाश नगर निगम में ठेके पर कर्मचारी है। कैलाश सिक्का कॉलोनी में गुजरिया अस्पताल वाली गली में किराये के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। घटना के समय कैलाश का छह महीने का इकलौता बेटा अक्षत अपनी बुआ की गोद में था और वह उसे लेकर गली में टहल रही थी।
राकेश के मुताबिक, पड़ोस में राई स्पोर्ट्स स्कूल में कार्यरत एक युवक अपने परिवार के साथ रहता है। उसके घर में दो पिटबुल कुत्ते पाले गए थे। बताया गया कि दोनों कुत्तों को घर के अंदर रखा जाता था। घटना वाले दिन पड़ोस का एक युवक जब उनके घर पहुंचा और दरवाजा खोला, तभी एक पिटबुल अचानक बाहर निकल आया और बच्ची व उसकी गोद में मौजूद मासूम पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ते ने बच्ची और बच्चे को जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद उसने छह महीने के अक्षत को मुंह में दबोच लिया और उसे लेकर इधर-उधर दौड़ने लगा। बच्ची ने शोर मचाकर मदद के लिए लोगों को बुलाया, लेकिन आरोप है कि शोर से कुत्ता और अधिक आक्रामक हो गया।
मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे को कुत्ते के मुंह से छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान कुत्ते ने बच्चे के चेहरे, पेट, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर काटकर गंभीर चोटें पहुंचाईं। करीब आधे मिनट तक चले हमले के बाद एक युवक ने किसी तरह कुत्ते को घर के अंदर बंद किया। इसके बाद बच्चे को उसके कब्जे से छुड़ाया जा सका।
राकेश ने बताया कि हमले में बच्चे का पूरा शरीर जख्मों से भर गया था और काफी खून बह रहा था। परिजन उसे तुरंत नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को दिल्ली के शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बच्चे के पेट में हुए गंभीर जख्मों का ऑपरेशन किया और करीब 20 टांके लगाए।
परिजनों के अनुसार, इलाज का खर्च करीब साढ़े तीन लाख रुपये आया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार के लिए निजी अस्पताल का इतना महंगा इलाज जारी रखना मुश्किल था। ऑपरेशन के बाद बच्चे को रोहतक स्थित पीजीआई ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है और फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
परिवार के मुताबिक, बच्चे को चेहरे और पेट समेत शरीर के कई हिस्सों में काटे जाने के कारण रेबीज संक्रमण के खतरे को देखते हुए उसे एंटी-रेबीज उपचार और अन्य जरूरी चिकित्सा दी गई है।
घटना के बाद सिक्का कॉलोनी के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आवासीय इलाके में ऐसे खतरनाक कुत्तों की मौजूदगी से बच्चों और अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है। लोगों के विरोध के बाद पिटबुलों के मालिक ने दोनों कुत्तों को कथित तौर पर किसी फार्म पर छोड़ दिया।
स्थानीय लोगों ने आवासीय क्षेत्र में खतरनाक नस्ल के कुत्तों को रखने को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नियमों के बावजूद ऐसे कुत्तों को आवासीय इलाकों में रखने से लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को कोई आधिकारिक या लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी नहीं है। हालांकि, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर मामले में कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया है।





