
गुमला: झारखंड के गुमला जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के बाद बेरहमी से मारपीट की गई। पीड़िता को गंभीर हालत में रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना गुमला जिले के पालकोट प्रखंड क्षेत्र की है। यहां 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। छठी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा गुरुवार शाम से लापता थी। देर रात कुछ युवक उसे उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गए। परिजनों ने जब बच्ची को देखा तो वह अर्धनग्न और बेहोशी की हालत में मिली। उसके शरीर और गले पर चोट के निशान भी पाए जाने की बात सामने आई है।
परिजनों के मुताबिक, गुरुवार शाम बच्ची के घर नहीं लौटने पर उन्होंने आसपास और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। देर रात घर के बाहर आहट सुनाई देने पर परिजन बाहर निकले। वहां बच्ची बेसुध हालत में पड़ी मिली। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ 4-5 युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है।
गंभीर हालत में अस्पताल में कराया गया भर्ती
घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल इलाज के लिए सिमडेगा जिले के कोलेबीरा अस्पताल ले गए। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सिमडेगा सदर अस्पताल रेफर किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद शुक्रवार सुबह चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रांची स्थित RIMS रेफर कर दिया। शुक्रवार शाम परिजन बच्ची को लेकर RIMS पहुंचे, जहां उसका इलाज जारी है।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद बच्ची सदमे में है और शुरुआती तौर पर वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं थी। परिजनों ने उसके शरीर पर चोट के गंभीर निशान होने का दावा किया है। चिकित्सकीय जांच और पुलिस जांच के बाद ही घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस की कार्यशैली पर परिजनों ने उठाए सवाल
घटना को लेकर पीड़िता के परिजनों ने पालकोट थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस को घटना की जानकारी दिए जाने के बावजूद बच्ची के साथ मेडिकल प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी सुनिश्चित नहीं की गई।
वहीं, पुलिस की ओर से बताया गया है कि संबंधित थाने में अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाकर छानबीन कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, घटना की पुष्टि होने के बाद आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि बच्ची के होश में आने, उसके बयान और मेडिकल जांच के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।







