
शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रांची से संबद्ध श्री बंशीधर नगर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सत्र 2026-28 के चुनाव को लेकर सोमवार की शाम नामांकन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रत्याशियों की मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते बढ़ गया। एक गुट के लोगों ने चुनाव पदाधिकारियों पर मनमानी और एकपक्षीय तरीके से चुनाव कराने का आरोप लगाते हुए अपने गुट के जमा किए गए नामांकन पत्र वापस उठा लिए। इसके बाद चैंबर कार्यालय से बाहर निकलकर मुख्य मार्ग पर जमकर नारेबाजी की गई।
सात बजे शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार चैंबर चुनाव को लेकर सोमवार की शाम सात बजे नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। शुरुआत में कुछ देर तक नामांकन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से चलती रही। इसी दौरान श्री बंशीधर चैंबर टीम के दो प्रत्याशी आनंद कुमार और अशोक कुमार जायसवाल के सशरीर मौजूद नहीं रहने को लेकर विवाद शुरू हो गया।
बताया गया कि दोनों प्रत्याशियों के समर्थक चुनाव पदाधिकारियों से उनकी अनुपस्थिति में नामांकन पत्र स्वीकार करने की मांग करने लगे। वहीं, मुख्य चुनाव पदाधिकारी उदय प्रकाश जायसवाल ने दोनों प्रत्याशियों के मौके पर उपस्थित नहीं होने के कारण नामांकन पत्र लेने से इनकार कर दिया।
नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किए जाने के बाद अशोक कुमार जायसवाल के समर्थकों और चुनाव पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते चैंबर कार्यालय में काफी गहमागहमी हो गई। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बातचीत और बहस का दौर चलता रहा।
इसी दौरान रजनीकांत मधुर उर्फ भोलू के नेतृत्व वाले गुट के लोगों ने अपने गुट के प्रत्याशियों द्वारा पहले से जमा किए गए नामांकन पत्रों को चुनाव पदाधिकारी की टेबल से वापस उठा लिया। इसके बाद गुट के लोग चैंबर कार्यालय से बाहर निकल गए।
मुख्य मार्ग पर की नारेबाजी
चैंबर कार्यालय से बाहर निकलने के बाद संबंधित गुट के लोगों ने मुख्य मार्ग पर चुनाव पदाधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान “चैंबर तुम्हारी मनमानी नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाए गए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने चुनाव पदाधिकारियों पर मनमानी और मिलीभगत का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव अधिकारी एक पक्ष के पक्ष में काम कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शन कर रहे व्यवसायियों ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल भी उठाए। उनका कहना था कि नामांकन पत्र में 12 कॉलम दिए गए हैं, लेकिन चुनाव की समय-सारणी और पूरी चुनाव प्रक्रिया से संबंधित नियमों की स्पष्ट जानकारी सभी प्रत्याशियों को नहीं दी गई है। इसी बात को लेकर गुट के लोगों ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार करने की घोषणा करते हुए नारेबाजी की।
मां की तबीयत खराब होने के कारण अस्पताल में थे अशोक जायसवाल
वहीं, जानकारी के अनुसार अशोक कुमार जायसवाल की मां की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें गढ़वा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी वजह से अशोक कुमार जायसवाल नामांकन के दौरान चैंबर कार्यालय में मौजूद नहीं थे। उनके समर्थकों की ओर से इसी परिस्थिति का हवाला देते हुए नामांकन पत्र स्वीकार करने का आग्रह किया गया था।
नामांकन के दौरान हुए इस पूरे घटनाक्रम से चैंबर चुनाव का माहौल काफी गर्म हो गया है। तीन वर्षों के बाद होने वाले इस चुनाव में पहले से ही व्यवसायियों के बीच गुटबाजी और चुनावी गतिविधियां तेज थीं। अब नामांकन के दौरान हुए विवाद ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।
अब आगे क्या होगा?
चैंबर की 11 सदस्यीय कार्यकारिणी के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया होनी है। ऐसे में सोमवार को हुए विवाद के बाद चुनाव समिति के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
अब देखना होगा कि नामांकन प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद का समाधान किस तरह होता है और चुनाव मैदान में कौन-कौन से प्रत्याशी अंतिम रूप से बने रहते हैं। 7 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान से पहले चैंबर चुनाव में अभी कई और राजनीतिक-संगठनात्मक मोड़ आने की संभावना बनी हुई है।







