
जमशेदपुर: लौहनगरी में कानून-व्यवस्था और कर्तव्य निर्वहन में कोताही बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. एहतेशाम वकारिब का डंडा लगातार चल रहा है। एसएसपी ने साफ संकेत दे दिया है कि काम में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में बिरसानगर मामले के बाद अब सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा पर गाज गिरी है। एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए क्लोज (पुलिस लाइन हाजिर) कर दिया है।
लगातार हो रही इस कार्रवाई के बाद से पूरे पुलिस महकमे में जबरदस्त खलबली मची हुई है।
समीक्षा बैठक में खुली पोल, सीधे निलंबन का फरमान
सूत्रों के अनुसार, सीतारामडेरा क्षेत्र में विधि-व्यवस्था के संधारण, लंबित मामलों के निष्पादन और थानों की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर विभागीय स्तर पर गहन समीक्षा की जा रही थी। समीक्षा के दौरान थाना प्रभारी के कामकाज को लेकर कई गंभीर शिकायतें और तकनीकी खामियां उजागर हुईं।
जांच में सामने आया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन नहीं हो रहा था और अनुशासन से जुड़ी कई चूकें पाई गईं। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने इसे गंभीरता से लेते हुए बिना देर किए आनंद मिश्रा के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पुलिस लाइन में योगदान देने को कहा गया है।
लापरवाह थानेदारों को कड़ा संदेश: सुधरें या नपने को तैयार रहें
बिरसानगर के बाद सीतारामडेरा थाना प्रभारी पर हुई इस कार्रवाई ने जिले के सभी थानेदारों और पुलिस पदाधिकारियों की धड़कनें तेज कर दी हैं। पुलिस कप्तान के इस कड़े रुख से महकमे में यह स्पष्ट संदेश चला गया है कि सिर्फ कुर्सी पर बैठना काफी नहीं होगा; थानों में पेंडिंग केसों को निपटाना, जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखना पहली प्राथमिकता होगी।
फिलहाल सीतारामडेरा थाने की कमान किसे सौंपी जाएगी, इसे लेकर विभागीय कवायद तेज हो गई है और नए थाना प्रभारी की पदस्थापना का आदेश जल्द जारी होने की संभावना है।




