
मेराल(गढ़वा)। प्रतिभा किसी शहर, सुविधा या संसाधन की मोहताज नहीं होती। इसे साबित कर दिखाया है मेराल प्रखंड के अटौला उच्च विद्यालय की छात्रा रीना कुमारी ने। बाजूडीह गांव निवासी सुरेश राम की पुत्री रीना का चयन उसकी अभिनव सोच और उपयोगी मॉडल के लिए इंस्पायर अवार्ड के राष्ट्रीय स्तर पर हुआ है। छात्रा की इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
रीना ने बढ़ते जल प्रदूषण की समस्या को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिसमें नदियों और नालों में जमा प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को पानी से अलग करने की तकनीक प्रदर्शित की गई है। सीमित संसाधनों के बावजूद छात्रा ने अपनी रचनात्मक सोच, लगन और मेहनत से इस मॉडल को तैयार किया।
मॉडल की उपयोगिता ने खींचा ध्यान
रीना के मॉडल ने विद्यालय स्तर से लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक का ध्यान आकर्षित किया। मॉडल में जल स्रोतों को प्लास्टिक एवं अन्य ठोस कचरे से बचाने की उपयोगी तकनीक को प्रदर्शित किया गया है। पर्यावरण संरक्षण और जल प्रदूषण की समस्या से जुड़े मॉडल की उपयोगिता को देखते हुए उसका चयन इंस्पायर अवार्ड के राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया।
मेराल प्रखंड के बीपीएम रवि कुमार वैद्य ने बताया कि रीना की प्रतिभा और मेहनत से प्रभावित होकर जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगन्नाथ लोहरा तथा प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने छात्रा को उपहार देकर उसका उत्साहवर्धन किया।
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बनी प्रेरणा
रीना की यह उपलब्धि उसके परिवार और विद्यालय के लिए गौरव की बात है। साथ ही यह ग्रामीण क्षेत्र के उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जिनमें प्रतिभा तो है, लेकिन सीमित संसाधनों के कारण उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता। रीना ने अपने प्रयास से यह संदेश दिया है कि नई सोच, मेहनत और लगन के बल पर गांव की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।







