
सीवान। बिहार के सीवान जिले में पटाखों के अवैध निर्माण और भंडारण से जुड़ा एक भीषण हादसा सामने आया है। जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में हुए जोरदार विस्फोट ने एक मकान को मलबे में तब्दील कर दिया। इस दर्दनाक घटना में पांच लोगों की जान चली गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आलमपुर गांव में एक मकान में पटाखे बनाए जा रहे थे या उनका भंडारण किया गया था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का बड़ा हिस्सा ढह गया और मलबा सड़क तक जा पहुंचा। आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और घटनास्थल पर स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी।
धमाके के बाद काफी देर तक होती रही आवाजें
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुरुआती विस्फोट के बाद भी करीब दो घंटे तक रुक-रुककर धमाकों की आवाजें आती रहीं। इससे राहत और बचाव कार्य में परेशानी होने की आशंका जताई गई। घटनास्थल पर बिखरे मलबे और क्षतिग्रस्त मकान की स्थिति हादसे की गंभीरता को दर्शाती है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों में मकान मालिक अमीरुद्दीन (70 वर्ष), कल्लू, अशरफ (10 वर्ष), मुस्कान (23 वर्ष) और खुशबू (13 वर्ष) के नाम सामने आए हैं। हादसे ने परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया और गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई तेज
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक टीमों ने मामले की जांच शुरू की। मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका को देखते हुए घटनास्थल पर तलाशी और राहत कार्य किए जाने की जानकारी सामने आई है। विस्फोट के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) और बम निरोधक दस्ते की टीम को भी जांच में लगाया गया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में पटाखों के अवैध निर्माण या भंडारण की आशंका जताई गई है। हालांकि, विस्फोट किस वजह से हुआ और वहां कितनी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी, इसकी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
थानाध्यक्ष और चौकीदार पर गिरी गाज
इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई की खबर है। लापरवाही के आरोप में जामो बाजार थाने के थानाध्यक्ष और एक चौकीदार को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। साथ ही, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीम गठित किए जाने की बात कही गई है।
अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित स्थान पर पटाखों का निर्माण या भंडारण किसकी अनुमति से किया जा रहा था और सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया। यदि अवैध गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध पटाखा कारोबार पर फिर उठे सवाल
आलमपुर की यह घटना एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में पटाखों के निर्माण और भंडारण की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ज्वलनशील और विस्फोटक सामग्री के साथ थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने न केवल घटना की निष्पक्ष जांच करने, बल्कि अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने की चुनौती भी है।
फिलहाल, पूरे मामले में जांच जारी है। हादसे में पांच लोगों की मौत की खबर से गांव में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


