चतरा: झारखंड में नशा माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। चतरा-गया मुख्य मार्ग पर पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पीछा कर मादक पदार्थों की एक भारी-भरकम खेप जब्त की है। पुलिस की घेराबंदी देख दो अंतरराज्यीय तस्कर अपनी वरना कार नदी किनारे लावारिस छोड़कर भाग निकले। कार की तलाशी लेने पर पुलिस अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं—गाड़ियों की सीटों और डिग्गी से करीब ₹1 करोड़ मूल्य का 164 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।
चेकपोस्ट पर स्पीड बढ़ाई, नदी किनारे गाड़ी छोड़ जंगल में कूदे
चतरा एसपी अनिमेष नैथानी को गुप्त इनपुट मिला था कि तस्करों का एक गिरोह इलाके से बड़ी खेप निकालने की फिराक में है। सूचना मिलते ही भुइयांडीह-जामनडीह के पास नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई।
इसी दौरान सफेद रंग की वरना कार (UP 14 CF 5803) आती दिखाई दी। पुलिस ने जैसे ही रुकने का इशारा किया, चालक ने रफ्तार और तेज कर दी और बैरिकेडिंग तोड़कर भागने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत गाड़ी का पीछा शुरू किया। खुद को चारों तरफ से घिरता देख तस्कर सिकिदिरी नदी किनारे पहुंचे, गाड़ी वहीं छोड़ी और घने इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
82 पैकेटों में भरा था माल, छत्तीसगढ़ से जुड़ा तार
कार की सघन तलाशी के दौरान 82 पैकेटों में सील 164 किलो गांजा मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग ₹1 करोड़ आंकी जा रही है।
सदर थाना परिसर में प्रेस वार्ता के दौरान एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करी की यह खेप छत्तीसगढ़ से उठाई गई थी और इसे झारखंड के रास्ते बिहार के अवैध बाजारों में खपाने की तैयारी थी।
गाड़ी नंबर से खुलेगा सिंडिकेट का कच्चा चिट्ठा
सदर थाने में कांड संख्या 448/2026 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उत्तर प्रदेश नंबर वाली इस वरना कार के रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर के जरिए इसके मालिक तक पहुंचने की कोशिश में है।
अधिकारियों का कहना है कि यह केवल दो तस्करों का खेल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ से बिहार तक फैला एक बड़ा अंतरराज्यीय रैकेट है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।



