
चांडिल। नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में शुक्रवार को भारतीय राजनीति के प्रखर नेता, कुशल संगठनकर्ता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय प्रमोद महाजन की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे एवं संस्थान के शिक्षकों और कर्मचारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर संस्थान के संस्थापक डॉ. जटाशंकर पांडे ने कहा कि स्वर्गीय प्रमोद महाजन भारतीय राजनीति के एक दूरदर्शी, ऊर्जावान एवं कुशल संगठनकर्ता थे। उनका जन्म 30 अक्टूबर 1949 को महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रतिभा, परिश्रम, वक्तृत्व कला और संगठनात्मक क्षमता के बल पर राष्ट्रीय राजनीति में एक अलग पहचान बनाई। विद्यार्थी जीवन से ही उनका झुकाव सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों की ओर था। उन्होंने आपातकाल के दौरान भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया।
डॉ. पांडे ने कहा कि प्रमोद महाजन ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में रक्षा, सूचना एवं प्रसारण, संसदीय कार्य, सूचना प्रौद्योगिकी तथा संचार जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। विशेष रूप से संचार एवं दूरसंचार मंत्री के रूप में उन्होंने देश में मोबाइल और दूरसंचार सेवाओं के विस्तार को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनकी दूरदर्शी सोच ने भारत को आधुनिक तकनीकी युग की ओर आगे बढ़ाने में योगदान दिया। उन्होंने भारतीय राजनीति में आधुनिक संचार माध्यमों एवं तकनीक के उपयोग को भी बढ़ावा दिया।
उन्होंने आगे कहा कि प्रमोद महाजन का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका संघर्ष, नेतृत्व क्षमता, कार्य के प्रति समर्पण और राष्ट्र के विकास के प्रति उनकी सोच हमेशा याद रखी जाएगी। आज की युवा पीढ़ी को उनके जीवन से अनुशासन, परिश्रम, नेतृत्व और सकारात्मक सोच की प्रेरणा लेनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने स्वर्गीय प्रमोद महाजन के बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद रहे प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, भगत लाल तेली, देवाशीष मंडल, शशि प्रकाश महतो, पवन महतो, कृष्ण पद महतो, गौरव महतो,निकिता गोराई,लक्ष्मी महतो,आदि कार्यकम में उपस्थित रहे।





