
शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना को लेकर गुरुवार को सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का निर्जला व्रत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। पूरे दिन उपवास रखने के बाद शाम को चांद का दीदार होते ही महिलाओं के चेहरे खिल उठे। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज से चंद्रदेव की पूजा-अर्चना की और चलनी से पहले चांद तथा फिर अपने पति का चेहरा देखकर व्रत का पारण किया। इस दौरान पतियों ने अपनी पत्नी को पानी पिलाकर व्रत खुलवाया।
करवा चौथ को लेकर सुबह से ही घरों में उत्सव जैसा माहौल रहा। व्रती महिलाओं ने सोलह शृंगार कर नए वस्त्र पहने और विधि-विधान से पूजा की तैयारी की। महिलाओं ने घरों और आसपास की सुहागिनों के साथ एकत्र होकर करवा चौथ की कथा सुनी। कई महिलाओं ने कुस और सरकंडे के पौधे की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सरगी के साथ शुरू हुआ व्रत, शाम को हुई पूजा-अर्चना
परंपरा के अनुसार महिलाओं ने सुबह करीब चार बजे उठकर सरगी ग्रहण की। इसके बाद पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर पूजा की तैयारी में जुटी रहीं। चंद्रोदय के बाद महिलाओं ने मिट्टी के करवे में जल भरकर चंद्रमा को अर्घ्य दिया। इसके बाद दीपक, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्रियों से विधिवत पूजा की। भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना कर अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। घर-परिवार के बड़े-बुजुर्गों से भी आशीर्वाद प्राप्त किया।
ज्योतिष एवं कर्मकांड के जानकार पंडित सुमेश्वर तिवारी ने बताया कि करवा चौथ पर भगवान गणेश और माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। परंपरा के अनुसार मिट्टी के करवे में जल भरकर तिल और चावल सहित अन्य पूजन सामग्री के साथ पूजा की जाती है। इस पर्व का संबंध पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और दांपत्य जीवन की मंगलकामना से जुड़ा है।
बाजारों में रही रौनक, सुहाग की सामग्री की हुई खरीदारी
करवा चौथ को लेकर शहर के बाजारों में भी विशेष चहल-पहल रही। महिलाओं ने बुधवार से ही व्रत की तैयारियां शुरू कर दी थीं। बाजारों में फल, मिठाई, साड़ी, सुहाग सामग्री, आभूषण और उपहार की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ देखी गई। करवा चौथ की पूजा के लिए छलनी, पूजा की थाली, मिट्टी के करवे और शृंगार सामग्री की भी जमकर खरीदारी हुई। कई पतियों ने अपनी पत्नी के लिए साड़ी, आभूषण और अन्य उपहार खरीदे।
करवा चौथ को लेकर नवविवाहित जोड़ों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नवविवाहित महिलाओं ने सज-धजकर अपने पति के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं साझा कीं। वहीं, नौकरी और कारोबार के सिलसिले में दूसरे शहरों में रह रहे पतियों की पत्नियों ने वीडियो कॉल के माध्यम से चांद का दीदार किया और पति से बातचीत कर व्रत का पारण किया। इस दौरान घरों में खुशियों और उत्सव का माहौल बना रहा।







