
पिठौरिया थानाध्यक्ष और भूमाफिया पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग, प्रेसवार्ता में हेमंत सरकार पर लगाए आरोप
झारखंड वार्ता डेस्क
रांची। एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल कमेटी के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष राजलाल सिंह पटेल ने निशा भगत आत्महत्या मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में भूमाफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और आदिवासी समाज के लोगों को अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि निशा भगत की आत्महत्या की घटना इसी गंभीर समस्या को उजागर करती है। शनिवार को स्थानीय होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने ये बातें कहीं।
राजलाल सिंह पटेल ने कहा कि निशा भगत सरना-सनातन के माध्यम से आदिवासी समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही थीं। जल, जंगल और जमीन की रक्षा के उद्देश्य से ही अलग झारखंड राज्य का गठन हुआ था। इसके बावजूद आदिवासी समाज के लोगों को अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भूमाफियाओं पर कार्रवाई नहीं होती और पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता, तो व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
फेसबुक लाइव में लगाए गए आरोपों पर कार्रवाई की मांग
राजलाल पटेल ने कहा कि निशा भगत ने आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर लाइव आकर स्थानीय पुलिस और भूमाफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने राज्य सरकार से निशा भगत के मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
पिठौरिया थानाध्यक्ष और भूमाफिया पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
उन्होंने मांग की कि निशा भगत के फेसबुक लाइव और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर पिठौरिया थाना प्रभारी तथा संबंधित भूमाफियाओं की भूमिका की जांच की जाए। यदि जांच में आत्महत्या के लिए उकसाने या विवश करने से संबंधित साक्ष्य मिलते हैं, तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। राजलाल पटेल ने कहा कि सरकार को इस मामले में तत्काल और निष्पक्ष कदम उठाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।





