
पलामू: झारखंड में अपराध की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। पलामू जिले में भाजपा के एक बूथ अध्यक्ष को कथित तौर पर उनके घर से अगवा कर सुनसान स्थान पर ले जाने और बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। हमले में भाजपा नेता संजय यादव की पसली टूट गई है। शरीर के कई अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
घर से अगवा कर चार किलोमीटर दूर ले जाने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के पतरियाडीह गांव निवासी संजय यादव भारतीय जनता पार्टी के बूथ अध्यक्ष हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने उन्हें उनके घर से अगवा कर लिया और गांव से लगभग चार किलोमीटर दूर एक सुनसान स्थान पर ले गए।
बताया जा रहा है कि सुनसान जगह पर ले जाने के बाद उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। हमले में संजय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी एक पसली टूटने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में भी चोटें आई हैं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति को लेकर सभी की नजरें इलाज पर टिकी हुई हैं।
चार लोगों के खिलाफ नामजद आरोप, गिरफ्तारी की मांग
इस मामले में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने चार लोगों के नाम सामने रखते हुए उन पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया है।
आरोपियों के नाम बबलू सिंह, शफीक अंसारी, हेमंत कुमार और शकील अंसारी बताए गए हैं।
आदित्य साहू ने पुलिस प्रशासन से इन चारों नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और पुलिस जांच के बाद ही होगी।
रिम्स पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, घायल नेता से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलने के बाद झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू रांची स्थित रिम्स पहुंचे। यहां उन्होंने अस्पताल में भर्ती घायल भाजपा बूथ अध्यक्ष संजय यादव से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
आदित्य साहू ने इस घटना को बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ इस तरह की हिंसक घटना बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पीड़ित को न्याय मिलना चाहिए और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
गिरफ्तारी नहीं हुई तो थाना और एसपी कार्यालय का होगा घेराव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो पार्टी कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे।
उन्होंने चेतावनी दी कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में भाजपा कार्यकर्ता संबंधित थाना और पलामू एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे।
इस चेतावनी के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भाजपा की ओर से पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ाया जा रहा है।
विधायक डॉ. शशि भूषण मेहता भी पहुंचे रिम्स
इस घटना को लेकर पांकी के भाजपा विधायक डॉ. कुशवाहा शशि भूषण मेहता ने भी रिम्स पहुंचकर घायल संजय यादव का हालचाल जाना।
विधायक के अस्पताल पहुंचने और प्रदेश अध्यक्ष की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग किए जाने के बाद यह मामला अब केवल आपराधिक घटना तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पलामू की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है।
आखिर क्यों हुआ भाजपा बूथ अध्यक्ष पर हमला?
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल हमले के पीछे की वजह को लेकर है। संजय यादव को घर से उठाकर करीब चार किलोमीटर दूर ले जाने और फिर उनके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने के आरोपों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या यह हमला किसी पुरानी रंजिश का नतीजा है? क्या इसके पीछे राजनीतिक विवाद है या फिर कोई अन्य वजह? फिलहाल हमले के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों में भी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
पुलिस जांच से ही घटना के पीछे की असली वजह और आरोपों की सच्चाई सामने आ सकेगी।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
पलामू के मनातू थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद अब सबकी निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। भाजपा ने चार नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है और ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
वहीं, घायल भाजपा बूथ अध्यक्ष संजय यादव का रिम्स में इलाज चल रहा है।
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक आरोपियों तक पहुंचती है और जांच में हमले के पीछे की असली वजह क्या सामने आती है।
फिलहाल एक भाजपा बूथ अध्यक्ष अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है, जबकि इस घटना ने पलामू में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल दोनों को गरमा दिया है।




