
झारखंड वार्ता
रांची। झारखंड में बालू, पत्थर समेत अन्य लघु खनिजों के अवैध उत्खनन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए खान विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी जिला खनन पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में संचालित खनिज भंडारण स्थलों की जांच करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में छह नवंबर को पत्र जारी किया गया है।
निदेशक ने कहा है कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लाइसेंसधारी भंडारण स्थलों पर दूसरे राज्यों या जिलों से परिवहन चालान के आधार पर बालू और पत्थर लाकर जमा कर रहे हैं। आशंका है कि इनमें अवैध रूप से उत्खनन किए गए खनिज भी शामिल हैं। बाद में इनकी बिक्री भी की जा रही है।
विभाग का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों से अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है और विभाग की छवि भी प्रभावित हो रही है।
स्टॉक रजिस्टर और चालान की होगी जांच
जिला खनन पदाधिकारियों को सभी लघु खनिज भंडारण स्थलों की जांच करने को कहा गया है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि भंडारण स्थल पर बालू और पत्थर कहां से लाए जा रहे हैं। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर, परिवहन चालान और मासिक विवरणी का भी मिलान किया जाएगा। भंडारण स्थल पर उपलब्ध खनिजों की मात्रा और उसके स्रोत का रिकॉर्ड सही है या नहीं, इसकी भी पड़ताल होगी।
जांच में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लाइसेंसधारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खान निदेशक ने सभी जिला खनन पदाधिकारियों को जांच और कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। पत्र की प्रतिलिपि खान विभाग के अपर निदेशक और सभी उपनिदेशकों को भी भेजी गई है।




