राष्ट्रिय

महाकाल मंदिर में सबसे पहले मनाया गया दीपावली, महारूद्र की भस्म आरती में जलाई गईं फुलझडियां

झारखंड वार्ता

उज्जैन:- महाकालेश्वर मंदिर में सबसे पहले त्योहारों की शुरुआत होती है। इसी कड़ी में दीपोत्सव पर्व की शुरुआत भी महाकालेश्वर मंदिर से हुई। यहां भस्म आरती में फुलझडियां जलाकर दीपावली पर्व मनाया गया। आज चौदस के दिन प्रातः भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पूजन भी किया गया। भस्म आरती में महाकाल मंदिर समिति और पुजारी परिवार की ओर से पांच-पांच दीपक महाकाल के सम्मुख रखे गए। वहीं धानी-बताशे का भी भोग लगाया गया।

महाकाल को देवों का देव कहा जाता है। वे उज्जैन के राजा हैं। साथ ही, महाकालेश्वर मंदिर दुनिया के सबसे पुराने मंदिरों में से एक हैं, इसलिए यहां सबसे पहले दिवाली मनाने की परंपरा है। मंदिर में दिवाली मनाने के बाद आम श्रद्धालु और जनता दिवाली मनाती है। ये परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है।

ख़बर को शेयर करें।
Avatar photo

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।