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बागबेड़ा थानेदार के खिलाफ भाजपाइयों ने की एसएसपी से शिकायत

बागबेड़ा थाना प्रभारी कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं: विकास सिंह

अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा थाना का घेराव

जमशेदपुर: परसुडीह के प्रमथ नगर के रहने वाले हैं सुमन बनर्जी की बेटी CISR NET की परीक्षा देने अपने दादी के साथ स्विफ्ट कार से मानगो जा रही थी अचानक 10 की संख्या में लोगों ने स्टेशन टी ओ पी के पास कार में हमला कर दिया कार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया , सैकड़ो पत्थर कर में चलाएं जिससे बच्ची का सर फट गया बच्ची को इतना गंभीर चोट लगा कि वह परीक्षा देना तो दुर व सीधे अस्पताल चली गई । परीक्षा की तैयारी उसके पिताजी लगभग 2 वर्षों से पैसे जुगाड़ कर करवा रहे थे बच्ची परीक्षा दे नहीं पाई । मामला जब थाने में गया तो पता चला की कोई दूसरी सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार स्टेशन के पास खड़ी टेंपो को धक्का मार के हाता के ओर भाग गई थी लोगों ने गलती से बच्ची वाले कार पर हमला कर दिया । कुछ देर बाद जिस कार ने टेम्पो को धक्का मारा था उसे भी पुलिस ने पकड़ लिया । हमला करने वाले अपराधी भी पकड़े गए लेकिन थानेदार के सांठ गांठ के कारण अपराधी मात्र दस मिनट में थाना से छूट गए बच्ची को मारने वाले और गाड़ी में तोड़फोड़ करने वाला जेल कब और कैसे जाएंगे इसके लिए भाजपा नेता ललन यादव ,चंचल चक्रवर्ती लगभग 15 दिनों से थाना और थाना से डीएसपी के ऑफिस तक चक्कर लगा रहे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई । करवाई होता नहीं देख सुमन बनर्जी ने भाजपा नेता विकास सिंह से संपर्क कर मामले की जानकारी दिया ।

जानकारी मिलते ही भाजपा नेता विकास सिंह ने जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की जानकारी देते हुए कहा की आखिर उस लड़की का कैरियर जो दो वर्षों से परीक्षा की तैयारी कर रही थीं वह छुट गया उसका जिम्मेदार कौन है अपराधी पकड़े गए तो छूट कैसे हद तो तब हो गई जब बागबेड़ा थाना प्रभारी ने पकड़े गए अपराधी को छोड़ते हुए कहा जो बनर्जी दा के घर जाकर केस को समझौता कर लीजिए । जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।

अगर अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो बागबेड़ा थाना का घेराव कर थानेदार जो आम जनमानस के रक्षक है उन्हें भक्षक बनने से रोका जाएगा । वरीय पुलिस अधीक्षक से मिलने मुख्य रुप से विकास सिंह, सुमन बनर्जी,चंचल चक्रवर्ती, ललन यादव, तारक घोष, राजु सरदार, होपना महाली, वरुण सिंह, विजय विश्वकर्मा मुख्य रुप से शमिल थे

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Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।