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16 महीने से लंबित मानदेय भुगतान की मांग,झारखंड अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ का रांची मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू

On: September 5, 2024 7:59 AM
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रांची: 16 महीने से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर झारखंड अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने बुधवार 4 सितंबर से रांची विश्वविद्यालय इकाई मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

के तत्वाधान में रांची विश्वविद्यालय मुख्यालय पर 16 महीना का लंबित मानदेय का भुगतान की मांग को ले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ की गई।


इस दौरान अब तक के सारे बकाये का भुगतान किए जाने तक आंदोलन अनवरत जारी रखने की बात कही गई है ।

इस पूरे मामले में महामहिम कुलाधिपति सह राज्यपाल , माननीय मुख्यमंत्री एवं माननीय उच्च शिक्षा मंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाई गई अतिथि शिक्षकों के पिछले 16 महीने के बकाया मानदेय का भुगतान नहीं होने से आर्थिक स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है साथ ही परिवार जनों के चिकित्सकीय जरूरत को पूरा करने में मानदेय के अभाव में असमर्थ है इस मौके पर उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि पिछले 16 महीने के मानदेय के अभाव में अपूर्णीय

क्षति हो रही हैं।

इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की संवेदनहीनता पर अतिथि शिक्षकों ने घोर निराशा जतायी।

इस मौके पर इस दौरान अतिथि शिक्षकों की एक आपात बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से वर्तमान अतिथि शिक्षक संघ की कार्यकारिणी को भंग की गई एवं साथ ही दायित्व धारी पदाधिकारीयों को पदमुक्त कर दिया गया जल्द ही अतिथि शिक्षकों की आम बैठक में नई कार्यकारिणी की घोषणा की जाएगी इस मौके पर डॉक्टर धीरज सिंह सूर्यवंशी, मनमोहन टुडू ,सूरज विश्वकर्मा ,मोहम्मद आसिफ अंसारी, शाहबाज आलम ,ताल्हा नदवी, शिवकुमार, डॉ आशीष, ज्योति गुप्ता, डॉक्टर पूनम कुमारी ,सुषमा, फरत परवीन, डॉक्टर पुष्पा ,डॉक्टर पाटला, डॉ शगुफ्ता ,डॉक्टर सुल्तान, डॉ नज़ीज़ हसन ,दीपशिखा संमदर्शी अभिषेक आर्यन, चक्षु पाठक, आलोक उत्पल, विकास कुमार, हैदर अली ,अंजन मिश्रा, अर्चना शेफाली, राकेश ,नेहा नूपुर सहित भारी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित थे ।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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