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मंईयां सम्मान योजना में फर्जी लाभुकों पर कसा शिकंजा,हजारों नाम सूची से बाहर,होगी पाई पाई की वसूली

On: June 15, 2026 9:44 PM
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जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत नियमों का उल्लंघन कर लाभ लेने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच के दौरान ऐसे हजारों मामले सामने आए हैं, जिनमें लाभुकों ने गलत जानकारी दी या आवश्यक तथ्यों को छिपाकर योजना का लाभ प्राप्त किया।
जिला प्रशासन द्वारा किए गए दस्तावेज सत्यापन और भौतिक जांच के बाद 4,068 लाभुक पूरी तरह से अयोग्य पाए गए हैं। इनसे अब तक प्राप्त की गई पूरी राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, फर्जी दस्तावेज या भ्रामक जानकारी देकर सरकारी योजना का लाभ लेने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
जांच के दौरान कुल 6,974 लाभुकों के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें कई ऐसे लाभुक भी शामिल हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इससे पहले एक पुरुष द्वारा योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया था, जिसके बाद उससे पूरी राशि की वसूली की गई थी।
इसके अलावा बिहार की मूल निवासी 142 महिलाओं को भी चिह्नित किया गया है, जो नियमों के विपरीत योजना का लाभ उठा रही थीं। प्रशासन ने इनके खिलाफ भी रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिले में योजना के कुल 3,07,071 पंजीकृत लाभुक हैं। अब तक 2,89,019 लाभार्थियों को पात्र पाया गया है, जबकि 11,078 मामलों की जांच अभी बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि शेष सत्यापन पूरा होने के बाद ही जिले में वास्तविक लाभुकों की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की के मुताबिक, सत्यापन अभियान के दौरान 6 हजार से अधिक अपात्र लाभुकों को सूची से हटाया जा चुका है। अभी करीब 10 प्रतिशत सत्यापन कार्य शेष है। प्रक्रिया पूरी होते ही सभी अयोग्य लाभुकों के खिलाफ नियमों के तहत रिकवरी और अन्य आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, नॉन-डीबीटी से जुड़े कुछ मामलों में भुगतान फिलहाल रोक दिया गया है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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