
शुभम जायसवाल
श्री बंशीधर नगर(गढ़वा):– भागवत कथा सुनने के कारण ही भक्ति के पुत्र ज्ञान तथा वैराग्य ठीक हो गए। श्रीमद्भागवत महापुराण भगवान की साक्षात् मुर्ति हैं। इससे सुनने से स्मरण से पापों का नाश होता है। आत्मा तृप्त होती है। दिल दिमाग शांत होता है। श्रीमद्भागवत के कथा के कारण ही भक्ति के दोनों पुत्र स्वस्थ हो गए।
कीर्तन आनंद का विषय होता है।






