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1 अप्रैल से झारखंड में रजिस्टर्ड वाहनों का बिहार और अन्य राज्यों में प्रवेश हो सकता है मुश्किल, भरना पड़ सकता है भारी जुर्माना

On: March 18, 2025 2:33 AM
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रांची: झारखंड में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) का मामला अब तक सॉल्व नहीं हुआ है। यह मामला फिलहाल कोर्ट में है, लेकिन दूसरी ओर एक अप्रैल से झारखंड में रजिस्टर्ड व्हीकल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इन वाहनों को बिहार और अन्य राज्यों में एंट्री में परेशानी हो सकती है। यदि बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहन बिहार या दूसरे राज्यों में पकड़े जाते हैं तो वाहन मालिकों को भारी जुर्माना भी देना पड़ सकता है। यदि अन्य पड़ोसी राज्यों ने भी कड़ाई से नियमों का पालन करना प्रारंभ किया तो झारखंड के वाहन मालिकों के लिए बॉर्डर पार करना भी मुश्किल हो जाएगा।

हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगाने पर केंद्र सरकार के फैसले के तहत 2500 रुपए से 10000 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। एक आंकड़े के अनुसार 2001 में झारखंड में 22240 वाहन निबंधित थे। उससे पहले झारखंड में चलने वाले वाहन बिहार सरकार में निबंधित किए गए थे। 2022 तक झारखंड में लगभग 66.66 लाख वाहन निबंधित किए गए। एक अनुमान के अनुसार झारखंड में 2019 के पूर्व निबंधित वाहनों की संख्या लगभग 40 लाख के करीब है‌। इन वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाया जाना है।

झारखंड में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) का मामला सरकार और कोर्ट के बीच फंस गया है। काफी जद्दोजहद के बाद झारखंड सरकार ने अक्टूबर 2024 में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए एजेंसी तय किया था। कंपनी को यह काम दिया गया कि वह तय राशि लेकर पुराने वाहनों में एचएसआरपी लगा सकती है. इसी बीच किसी ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने पहली सुनवाई में ही राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी। अब मार्च के अंतिम सप्ताह में इस मामले पर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। फैसला आने के बाद झारखंड में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बता दें कि केंद्र सरकार ने पांच साल पहले अपने आदेश में दिसंबर 2022 तक देश के सभी राज्यों के लिए हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य कर दिया था। 2022 के बाद नए वाहनों में रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाए जाते समय ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाया जाने लगा, लेकिन अप्रैल 2019 के पूर्व निबंधित वाहनों में एचएसआरपी लगाने का मामला दो-तीन वर्षों तक एक बार फिर से लटक गया। इधर केंद्र सरकार के कड़े निर्देश के बाद राजस्थान, महाराष्ट्र और अब बिहार ने इसे अनिवार्य कर दिया है। बिहार ने 2019 से पूर्व के निबंधित वाहनों में 31 मार्च तक एचअसआरपी लगाना अनिवार्य कर दिया है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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