

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप में सुधीर कुमार पॉल ने भाग लिया। उन्होंने ग्राम सभा की भूमिका, संरचना, कार्यप्रणाली एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रशिक्षण में बताया गया कि ग्राम सभा लोकतांत्रिक विकेन्द्रीकरण की मूल इकाई है, और यह ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही एवं सहभागिता को सुनिश्चित करती है।
श्री पॉल ने ग्राम सचिवालय के संरक्षण, उसके प्रबंधन, तथा महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव के तरीकों पर भी विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम सचिवालय न केवल प्रशासनिक कार्यों का केंद्र होता है, बल्कि यह ग्रामीण नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच संपर्क का सेतु भी होता है।
कार्यक्रम में ग्राम सभा की स्थायी समितियों, उनके कार्य, अधिकार और जवाबदेही पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया। साथ ही ग्राम सचिवालय के सुचारू संचालन, बैठक के आयोजन, रिकॉर्ड संधारण और कार्य रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को भी विस्तार से समझाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान पंचायती राज व्यवस्था की संवैधानिक संरचना, 73वें संविधान संशोधन, त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रणाली (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) पर भी गहन चर्चा हुई। प्रतिभागियों को यह बताया गया कि कैसे एक सशक्त ग्राम सभा, लोकतंत्र को जमीनी स्तर तक मजबूत करने में सहायक हो सकती है।
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Pratap Singh
November 4, 2026





