हजारीबाग: जिले के चुरचू प्रखंड और मांडू विधानसभा क्षेत्र से सटे इलाकों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार देर रात चुरचू प्रखंड के अंगो थाना क्षेत्र के गोंदवार गांव में हाथियों के झुंड ने भीषण उत्पात मचाते हुए 6 लोगों को कुचल कर मार डाला। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। घटना रात लगभग दो बजे की बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।
घर में घुसकर हमला, सोते हुए लोगों को कुचला
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार रात के समय करीब पांच हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। उस वक्त सभी लोग अपने घरों में सो रहे थे। हाथियों ने पहले एक घर का मुख्य गेट उखाड़ दिया और अंदर घुसकर सो रहे लोगों पर हमला कर दिया। हमले में सुमन कुमारी (26), धनेश्वर राम (52), सूरज राम (50), सविता देवी (25) तथा दो मासूम बच्चे अनुराग राम (1) और संजना कुमारी (3) की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना इतनी भयावह थी कि आसपास के लोग डर के कारण घरों से बाहर नहीं निकल सके। सुबह होने पर ग्रामीणों ने शवों को देखा और प्रशासन को सूचना दी।
एक माह से क्षेत्र में घूम रहा है हाथियों का झुंड
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले लगभग एक महीने से हाथियों का दल इलाके में घूम रहा था। वन विभाग की ओर से कभी-कभार अलर्ट तो जारी किया गया, लेकिन हाथियों को गांव से दूर रखने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का आरोप है कि समय रहते कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी घटना टल सकती थी।
मौके पर पहुंचा प्रशासन, मुआवजे की मांग
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम गांव पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने और हाथियों को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जताया।
ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हाथियों का खतरा बना हुआ है, जिससे लोग रात में सोने तक से डर रहे हैं। कई घरों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है।
लगातार बढ़ रही मानव-हाथी टकराव की घटनाएं
हजारीबाग और आसपास के इलाकों में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जंगलों के घटते क्षेत्र और भोजन की कमी के कारण हाथियों का झुंड आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ रहा है, जिससे जान-माल का नुकसान हो रहा है।














