देवघर:दुमका एसीबी की टीम ने देवघर के भू-अर्जन कार्यालय में पदस्थापित प्रधान लिपिक के सहयोगी उमेश प्रसाद यादव को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा। मुआवजा राशि दिलवाने के लिए रिश्वत मांग रहा था। एसीबी ने जाल बिछाकर पकड़ा और उसके बाद प्रधान लिपिक निरंजन कुमार के सरकारी आवास से 3.19 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं.
बताया जा रहा है कि देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के गोपीपुर निवासी ब्रह्मदेव यादव ने एसीबी से लिखित शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि बाइपास रोड निर्माण के लिए अधिग्रहित उनकी जमीन के मुआवजे की राशि दिलाने के बदले जिला भू-अर्जन कार्यालय के प्रधान लिपिक निरंजन कुमार 5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे हैं. एसीबी ने अपने स्तर से मामले का सत्यापन किया।
जांच में सामने आया कि प्रधान लिपिक निरंजन कुमार ने मुआवजे की राशि दिलाने के एवज में 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया.
टीम ने प्रधान लिपिक के कहने पर आवेदक से 10 हजार रूपये रिश्वत ले रहे उनके सहयोगी उमेश प्रसाद यादव (59) को कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया. उमेश प्रसाद यादव जसीडीह थाना क्षेत्र के टोर बछियारी गांव के निवासी बताए जाते हैं और वे प्रधान लिपिक के अनुचर के रूप में कार्य करते थे.
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम ने प्रधान लिपिक निरंजन कुमार के देवघर स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान उनके घर से 3 लाख 19 हजार 800 रुपये बरामद किए हैं।










